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अयोध्या | 27 मार्च 2026: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में आज आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रामनवमी के शुभ अवसर पर दोपहर ठीक 12:00 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का ‘सूर्य तिलक’ हुआ। विज्ञान और अध्यात्म के इस अद्भुत संगम को देखने के लिए अयोध्या की गलियों में करीब 10 लाख से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे।
सूर्य तिलक: 4 मिनट तक थमा रहा वक्त
वैज्ञानिक तकनीक (CBRI रुड़की के दर्पण और लेंस सिस्टम) के जरिए सूर्य की किरणें सीधे रामलला के मस्तक पर पड़ीं।
- अवधि: सूर्य की किरणें करीब 4 मिनट तक प्रभु के ललाट पर सुशोभित रहीं (हालांकि कुछ तकनीकी परीक्षणों में इसे 9 मिनट तक विस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया था, मुख्य अभिषेक 4 मिनट का रहा)।
- दृश्य: जैसे ही सूर्य की किरणों ने रामलला का अभिषेक किया, पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंज उठा।
जन्मोत्सव के विशेष अनुष्ठान
- अभिषेक: दोपहर से पहले रामलला का दूध, दही, शहद, घी और चीनी (पंचामृत) के साथ भव्य अभिषेक किया गया। साथ ही सरयू जल और सुगंधित द्रव्यों का भी उपयोग हुआ।
- श्रृंगार: प्रभु को स्वर्ण जड़ित पीतांबर (पीले वस्त्र) पहनाए गए और रत्नजड़ित आभूषणों से उनका दिव्य श्रृंगार किया गया।
- 56 भोग: जन्मोत्सव के बाद भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। मथुरा से आई विशेष पंजीरी और लड्डू का प्रसाद भक्तों में वितरित किया गया।
प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था
- श्रद्धालुओं की भीड़: प्रशासन के अनुसार, लगभग 10 लाख लोगों ने आज अयोध्या में उपस्थिति दर्ज कराई। भीड़ को देखते हुए VIP दर्शन पूरी तरह बंद रखे गए थे।
- लाइव प्रसारण: जो भक्त मंदिर नहीं पहुंच सके, उनके लिए पूरी अयोध्या में 100 से अधिक बड़ी LED स्क्रीन लगाई गई थीं, जिस पर सूर्य तिलक का सीधा प्रसारण किया गया।
- प्रधानमंत्री की उपस्थिति: पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस दिव्य दृश्य को डिजिटल माध्यम से देखा और देशवासियों को रामनवमी की बधाई दी।



