अहमदपुर (सीहोर)।
अहमदपुर वन परीक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाकों में पिछले करीब 30 दिनों से तेंदुए की लगातार मूवमेंट देखी जा रही है, जिससे किसानों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। रात होते ही लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं और खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं।

शनिवार को अहमदपुर से सटे सलेहपुर गांव में तेंदुए के पंजों के निशान मिलने का दावा किया गया। किसान पप्पू मेव के अनुसार यह निशान हपौज मेव के खेत में देखे गए, जिसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने पंजों के निशानों की तस्वीरें खींचकर वन विभाग को भेजीं।
वन विभाग ने पथरिया की बड़ली में लगाए गए पिंजरे को मगरदा गांव में स्थानांतरित किया है। विभाग का कहना है कि मगरदा में बाधिन (मादा तेंदुआ) की सूचना मिली थी, जिसके बाद पिंजरे का स्थान बदला गया। हालांकि 12 दिन बीतने के बाद भी तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है।
ग्रामीणों के अनुसार कोलुखेड़ी, जेतला, पथरिया, रसूलपुरा, सलेहपुर, अहमदपुर सहित कई गांवों में तेंदुए की मौजूदगी देखी गई है। तेंदुए की दहशत के चलते किसान रात में खेतों पर अकेले नहीं जा रहे हैं और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।




