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सीहोर। आज अहमदपुर (देवीपुरा) की सड़कों पर भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों और बढ़ती महँगाई के खिलाफ जनता का गुस्सा फूट पड़ा। एक विशाल जनआक्रोश प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को चेताया गया कि किसानों और आम जनता के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करें।
गेहूं तुलाई में देरी: किसानों के साथ सीधा धोखा
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गेहूं की तुलाई अब तक प्रारंभ न करना भाजपा सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। कड़कती धूप में अपना खून-पसीना एक करने वाले अन्नदाता को उसकी फसल का उचित दाम और समय पर तुलाई न मिलना, उनके साथ किया गया एक सीधा विश्वासघात है।
मुद्दे जो बने आक्रोश का कारण:
प्रदर्शन में केवल खेती ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन को प्रभावित करने वाले निम्नलिखित मुद्दों पर सरकार को घेरा गया:
- गेहूं तुलाई में लापरवाही: तुलाई केंद्रों का शुरू न होना किसानों की आर्थिक कमर तोड़ रहा है।
- आसमान छूती महँगाई: घरेलू बजट बिगाड़ती खाद्य वस्तुओं की कीमतें।
- गैस और ऊर्जा संकट: रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत और बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि।
- ईंधन की मार: पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों और संकट ने परिवहन व खेती को ठप कर दिया है।

“भाजपा सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है। उसे न तो किसानों के पसीने की चिंता है और न ही आम जनता की परेशानियों की परवाह। यह अन्याय अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
जनता मांगेगी हिसाब
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा सरकार की ‘किसान विरोधी’ छवि अब सबके सामने है। यदि जल्द ही तुलाई प्रक्रिया सुचारू नहीं की गई और महँगाई पर लगाम नहीं कसी गई, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
अब वक्त आ गया है कि जनता सड़क पर उतरकर इस संवेदनहीन शासन से अपने हक का जवाब मांगे।




