इंदौर। एमवाय अस्पताल में हुए चर्चित चूहाकांड के विरोध में जय आदिवासी संगठन (जयस) के कार्यकर्ताओं ने रविवार दोपहर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता पहले अस्पताल गेट पर एकत्र हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए अर्धनग्न रैली के रूप में कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए।
घटना की पृष्ठभूमि
30 अगस्त को एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से दो नवजात बच्चों की मौत हो गई थी। यह मामला सामने आने के बाद से जयस कार्यकर्ता अस्पताल प्रबंधन पर लगातार लापरवाही के आरोप लगाते हुए डीन और अधीक्षक को हटाने और उन पर FIR दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन का रूप
- गांधी प्रतिमा के पास पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
- बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अर्धनग्न होकर रैली में शामिल हुए।
- पिछले एक सप्ताह से एमवाय अस्पताल गेट पर अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है।
- जयस कार्यकर्ता गांधी प्रतिमा के पास पहुंचे और जमकर नारेबाजी की।

जयस की प्रमुख मांगें
- एमवाय अस्पताल के डीन और अधीक्षक का निलंबन।
- लापरवाह अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज कर कार्रवाई।
- पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
- प्रदेशभर के अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था में तुरंत सुधार।
जयस का आरोप
जयस प्रदेशाध्यक्ष पवन डावर का कहना है कि, “हमने शासन-प्रशासन को 6 सितंबर को ही अवगत कराया था। आज 28 तारीख हो चुकी है, पर कार्रवाई किसी पर नहीं हुई। सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। हमारी मांग है कि दोषियों पर मुकदमा दर्ज हो और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो।”





