drnewsindia.com
इंदौर | मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर का नगर निगम बजट आज यानी मंगलवार को पेश होने जा रहा है। इस बार का बजट इंदौरियों के लिए ‘राहत’ भरा रहने वाला है, क्योंकि नगर निगम परिषद ने जनता पर कोई भी नया टैक्स न लगाने का फैसला किया है। लगभग 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक के इस बजट में नए बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय पुराने अधूरे कामों को पूरा करने पर फोकस रहेगा।
1. बजट की सबसे बड़ी राहत: ‘नो न्यू टैक्स’
भाजपा की निगम परिषद ने साफ कर दिया है कि मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए इस बार शहरवासियों पर करों (Taxes) का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा। बजट में कोई भी नई बड़ी योजना घोषित करने के बजाय सफाई व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर रहेगा।
2. दूषित पानी से जंग: वार्डों में खुलेंगी ‘वाटर टेस्टिंग लैब’
हाल ही में हुए भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड से सबक लेते हुए निगम इस बजट में बड़ी घोषणा कर सकता है।
- नई योजना: वार्ड स्तर पर पानी की शुद्धता जांचने के लिए हाईटेक लैब शुरू की जाएंगी।
- उद्देश्य: जनता को घरों में मिल रहे पानी की गुणवत्ता की तत्काल जांच हो सके और बीमारियों को रोका जा सके।
3. ‘मास्टर प्लान’ और सड़कों का जाल
शहर के ट्रैफिक और विस्तार को देखते हुए मास्टर प्लान की 29 प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए बजट में भारी भरकम राशि का प्रावधान किया गया है। निगम का लक्ष्य इन सड़कों को समय सीमा में पूरा करना है ताकि कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।
4. नर्मदा चतुर्थ चरण और 29 गांवों का विकास
निगम का मुख्य फोकस नर्मदा जल आपूर्ति पर है। अगले नगरीय निकाय चुनाव से पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की तैयारी है:
- नर्मदा चतुर्थ चरण: शहर के वितरण नेटवर्क (Distribution Network) को बिछाने के लिए विशेष फंड।
- नए क्षेत्र: निगम सीमा में शामिल हुए 29 गांवों में नर्मदा का पानी पहुँचाने और सीवरेज लाइन बिछाने के लिए पर्याप्त बजट रखा जाएगा।
बजट की 4 बड़ी बातें (At a Glance):
- टैक्स: कोई नया टैक्स नहीं लगेगा।
- सड़कें: 29 मास्टर प्लान की सड़कों के लिए बड़ा फंड।
- पानी: नर्मदा चतुर्थ चरण और वार्डों में वाटर लैब।
- गांव: 29 गांवों में सीवरेज और पेयजल पाइपलाइन का विस्तार।
नगर निगम के बजट भाषण की पल-पल की लाइव अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।




