इंदौर भागीरथपुरा हादसा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा एक्शन, निगमायुक्त समेत कई आला अधिकारी नपे

0
22

Drnewsindia / दिनांक: 3 जनवरी, 2026

इंदौर/भोपाल। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुए भीषण हादसे के बाद राज्य सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशासनिक लापरवाही को अक्षम्य मानते हुए इंदौर नगर निगम (IMC) के शीर्ष अधिकारियों पर गाज गिराई है। इस हादसे में अब भी 200 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं।

प्रमुख अधिकारियों पर हुई कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके तहत निम्नलिखित निर्णय लिए गए हैं:

  • दिलीप यादव (निगमायुक्त): इंदौर नगर निगम आयुक्त के पद से हटाकर मंत्रालय (भोपाल) में पदस्थ करने के निर्देश।
  • रोहित सिसोनिया (अपर आयुक्त): तत्काल प्रभाव से निलंबित। (उन्हें हाल ही में भोपाल ट्रांसफर किया गया था)।
  • संजीव श्रीवास्तव (प्रभारी अधीक्षण यंत्री, PHE): लापरवाही के चलते निलंबित।

“इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। इस संबंध में कठोर निर्णय लिए जा रहे हैं।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, म.प्र.


इंदौर नगर निगम के ढांचे में बड़ा फेरबदल

हादसे के तुरंत बाद प्रशासनिक सर्जरी करते हुए राज्य सरकार ने तीन नए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों को इंदौर नगर निगम में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी है:

  1. आकाश सिंह (IAS 2019): खरगोन CEO से इंदौर नगर निगम के नए अपर आयुक्त।
  2. प्रखर सिंह (IAS 2020): आलीराजपुर CEO से इंदौर नगर निगम में पदस्थ।
  3. आशिष कुमार पाठक (IAS 2020): उप परिवहन आयुक्त से अपर आयुक्त नगर निगम इंदौर।

हादसे की वर्तमान स्थिति

भागीरथपुरा क्षेत्र में पाइपलाइन में लीकेज या अन्य कारणों से फैले दूषित पानी ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 200 से अधिक लोग अभी भी इलाजरत हैं। प्रशासन का पूरा ध्यान अब प्रभावितों के इलाज और पेयजल व्यवस्था को शुद्ध करने पर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here