Drnewsindia.com /इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में नर्मदा जल परियोजना के चौथे चरण के कार्यों का भूमिपूजन किया। करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इन कार्यों की शुरुआत लता मंगेशकर सभागृह में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने इंदौर के विकास संकल्प को दोहराते हुए विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर तीखा हमला बोला।

“आपदा में अवसर खोज रही कांग्रेस”
सीएम मोहन यादव ने कहा कि हाल ही में भागीरथपुरा की घटना ने सभी को दुखी किया है।
“हमारे लिए यह कष्ट के क्षण थे। हमने जो बन पड़ा, वह सबकुछ करने का प्रयास किया। लेकिन कांग्रेस राजनीति में आपदा में अवसर खोज रही है। कांग्रेस अगर लाशों पर राजनीति करेगी तो इंदौरवासी इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध सकारात्मक होना चाहिए, लेकिन अगर बात निकली तो दूर तक जाएगी।
“कांग्रेस पर इतने पाप हैं कि गिनाने बैठूं तो सिर के बाल कम पड़ जाएं,” उन्होंने तीखा तंज कसा।
इंदौर देश का सबसे तेज बढ़ने वाला शहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर देश में सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर है और पूरे प्रदेश के लिए आकर्षण का केंद्र है।
“हर जिला इंदौर बनना चाहता है। इंदौर के पानी को मालवा तक लाने की ताकत भाजपा में थी। हमारे शासनकाल में 56 लाख हेक्टेयर सिंचाई का रकबा रहा। मध्य प्रदेश नदियों का मायका है। इंदौर की पहचान यहां के लोगों के हौसले से है। यह शहर किसी का मोहताज नहीं है और इसका विकास अनवरत जारी रहेगा,” उन्होंने कहा।
कैलाश विजयवर्गीय: नर्मदा नहीं होती तो इंदौर नहीं होता
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि 1966 में इंदौर में अकाल पड़ा था और तब बिलावली और यशवंत सागर तालाब ही एकमात्र जल स्रोत थे।
“इंदौर खाली होने लगा था। तभी नर्मदा को इंदौर लाने की मांग उठी और बड़ा जन आंदोलन चला। नर्मदा को लाने में बहुत ताकत लगी, इसलिए उसके पानी का महत्व समझना चाहिए। एशिया का सबसे महंगा पानी इंदौर में मिलता है। अगर नर्मदा नहीं होती तो आज इंदौर नहीं होता,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि चुनौतियां हमेशा आती हैं, लेकिन उनसे जूझने की शक्ति भी होनी चाहिए।
“एक-दूसरे की बुराई करने से समस्याएं हल नहीं होतीं। भाजपा ने इंदौर को क्या दिया, यह जनता जानती है। एक घटना को लेकर विपक्ष शहर की बदनामी कर रहा है और सफाईकर्मियों का अपमान कर रहा है। इंदौर नंबर वन था और हमेशा रहेगा,” विजयवर्गीय ने कहा।
अन्य नेताओं के बयान
जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि इंदौर में हाल ही में एक विपत्ति आई, लेकिन सभी मिलकर उसका सामना कर रहे हैं।
“अब इंदौर मजबूती से फिर आगे बढ़ने को तैयार है,” उन्होंने कहा।
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि हाल में एक बस्ती पर संकट आया, जिससे हमें सबक भी मिला और मौतों का दुख भी है।
“अब इंदौर नई ऊर्जा और संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा। नर्मदा चौथे चरण का काम भविष्य के इंदौर के लिए जरूरी है,” उन्होंने कहा।
मेयर ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने आपदा में अवसर खोजा और इंदौर की स्वच्छता को लेकर फर्जीवाड़े के आरोप लगाकर शहर का अपमान किया।
विधायक मधु वर्मा ने कहा कि नर्मदा परियोजना के चरणों ने इंदौर के विकास में बड़ी भूमिका निभाई है।
“चौथे चरण से आने वाले 20 सालों तक इंदौर में पानी की चिंता खत्म हो जाएगी। करोड़ों के काम चल रहे हैं और प्रदेश सरकार विकास पर दिल खोलकर खर्च कर रही है,” उन्होंने कहा।




