इंदौर में फायर सेफ्टी पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: G+3 से ऊंची इमारतों के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम; कलेक्टर के कड़े निर्देश

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इंदौर | सोमवार, मार्च 23, 2026

इंदौर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए प्रशासन ने अब कमर कस ली है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बहुमंजिला इमारतों में आगजनी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त तेवर दिखाए हैं। शहर की G+3 (चार मंजिला) और उससे अधिक ऊंची सभी व्यावसायिक व अन्य इमारतों के लिए नए ‘फायर सेफ्टी’ दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।


⚠️ ‘डेडलाइन’ तय: 15 दिन में सुधारें व्यवस्था, वरना होगी कानूनी कार्रवाई

कलेक्टर कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक में यह बड़ा निर्णय लिया गया। प्रशासन ने भवन स्वामियों को स्पष्ट चेतावनी दी है:

  • समय सीमा: सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने के लिए केवल 15 दिन का समय दिया गया है।
  • अनिवार्यता: इस अवधि में फायर सेफ्टी प्लान को अपडेट करना और उपकरणों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
  • कठोर कदम: समय सीमा समाप्त होने के बाद औचक निरीक्षण किया जाएगा। मानकों की अनदेखी मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

🏛️ संयुक्त बैठक के मुख्य बिंदु

बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा के साथ नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, राजस्व विभाग के अधिकारी, बिल्डिंग ऑफिसर्स और बिल्डिंग इंस्पेक्टर्स मौजूद रहे।

  1. समीक्षा: शहर की बहुमंजिला व्यावसायिक इमारतों में वर्तमान फायर सेफ्टी इंतजामों की विस्तार से समीक्षा की गई।
  2. जवाबदेही: फील्ड बिल्डिंग ऑफिसर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों की इमारतों की मॉनिटरिंग बढ़ाएं।
  3. सुरक्षा मानक: भवनों में फायर एग्जिट, हाइड्रेंट सिस्टम और स्प्रिंकलर जैसे उपकरणों की स्थिति को ‘वर्किंग मोड’ में रखना होगा।

💡 भवन स्वामियों के लिए ‘चेकलिस्ट’

यदि आपकी इमारत G+3 या उससे अधिक ऊंची है, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • क्या आपके पास वैध फायर NOC है?
  • क्या अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) एक्सपायर तो नहीं हो गए?
  • क्या आपातकालीन निकास (Emergency Exit) बाधा मुक्त है?
  • क्या स्टाफ को फायर सेफ्टी उपकरणों को चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त है?

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