सरदार पटेल की प्रतिमा पर नमन, कांग्रेस पर साधा निशाना—कहा- महापुरुषों के साथ अन्याय किया
Drnewsindia.com/इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को इंदौर पहुंचे, जहाँ उन्होंने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित नर्मदा प्रवाह यात्रा–यूनिटी मार्च में हिस्सा लिया।
नागपुर से शुरू हुई यह यात्रा इंदौर में भव्य स्वागत के बाद धार, झाबुआ होते हुए गोधरा (गुजरात) की ओर रवाना हुई।
इंदौर में यात्रा का शुभारंभ सरदार पटेल प्रतिमा से
सीएम मोहन यादव ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
यूनिटी मार्च में हजारों नागरिक, सामाजिक संगठन, युवा समूह और सांस्कृतिक दल शामिल हुए। यात्रा के दौरान—
- सरदार पटेल के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी
- स्मरण लेख और कविता पाठ
- पौधरोपण और स्वच्छता अभियान
- स्वदेशी प्रदर्शनी
- लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और खेल गतिविधियाँ
- युवा संवाद कार्यक्रम
जैसे आयोजन किए गए।
CM मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला—“महापुरुषों के साथ अन्याय किया”
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा—
“कांग्रेस ने आजादी से पहले और बाद में महापुरुषों के साथ बड़ा अन्याय किया। सिर्फ एक खानदान को आगे बढ़ाने के लिए अन्य महान विभूतियों की अनदेखी की गई।”
उन्होंने कहा कि यदि उस समय सरदार पटेल की बात मानी जाती, तो—
- धारा 370 लागू नहीं होती
- कश्मीर मुद्दा पैदा ही नहीं होता
- देश को इससे भारी नुकसान नहीं झेलना पड़ता
सीएम ने दावा किया कि 370 की वजह से 40 हजार से अधिक निर्दोष लोग मारे गए और भारत को अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा नुकसान हुआ।
“सरदार पटेल प्रधानमंत्री होते, यदि कांग्रेस ने उनकी कद्र की होती”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने हमेशा खुद को दूसरे के लिए पीछे रखा।
उन्होंने कहा—
“कांग्रेस ने यदि सरदार पटेल को सम्मान दिया होता, तो वह उस दौर में देश के प्रधानमंत्री होते।”
कैलाश विजयवर्गीय का आरोप—“POK भी भारत का हिस्सा होता”
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में कहा—
- सरदार पटेल ने 562 रियासतों को भारत में मिलाने का ऐतिहासिक काम किया।
- जब वे जम्मू-कश्मीर में सेना भेज रहे थे, तब पं. जवाहरलाल नेहरू ने सेना रोक दी।
- नेहरू की इस गलती की वजह से धारा 370 लागू हुई और आतंकवाद बढ़ा।
उन्होंने कहा—
“अगर उस समय सरदार पटेल की बात मानी जाती, तो आज पूरा कश्मीर, यहाँ तक कि POK भी भारत का हिस्सा होता।”
विजयवर्गीय ने कहा कि गुजरात से प्रधानमंत्री बनने के बाद अब लोगों में विश्वास है कि “बचा हुआ कश्मीर भी भारत का हिस्सा बनेगा।”




