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इंदौर / में रिंग रोड परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का मामला अब उग्र और भावुक मोड़ ले चुका है। अपनी उपजाऊ जमीन को बचाने के लिए अन्नदाता ने कलेक्ट्रेट के सामने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
📸 प्रदर्शन का अनोखा तरीका: “मेडल पहनकर जताया विरोध”
हाथों में तख्तियां नहीं, बल्कि गले में ‘सम्मान के मेडल’ टांगकर किसान कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे।
- अर्धनग्न अवस्था: कड़कड़ाती धूप और गर्मी के बीच सैकड़ों किसान बिना शर्ट के प्रदर्शन कर रहे थे।
- सम्मान की ढाल: किसानों ने वे शील्ड और मेडल पहन रखे थे, जो उन्हें खेती में उत्कृष्ट कार्य के लिए सरकार और संस्थाओं से मिले थे। उनका संदेश साफ था— “जिस खेती के लिए हमें सम्मानित किया, आज उसी खेत को हमसे छीना जा रहा है।”
⚠️ “जमीन गई तो परिवार भूखे मरेंगे”
प्रदर्शन के दौरान किसानों का दर्द छलक पड़ा। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी उपजाऊ जमीन छीन ली गई, तो उनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं बचेगा और परिवार भुखमरी की कगार पर आ जाएगा।
बड़ी घटना: विरोध प्रदर्शन और कड़ी धूप की वजह से एक बुजुर्ग किसान बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
🤝 कलेक्टर ने संभाला मोर्चा
बिगड़ती स्थिति को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा खुद अपने चेंबर से बाहर निकलकर किसानों के बीच जमीन पर पहुंचे।
- उन्होंने किसानों को शांत कराया और उनकी मांगों को सुना।
- कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि किसानों के हितों का ध्यान रखा जाएगा और उनके पक्ष को शासन तक पहुंचाया जाएगा।
📍 विरोध का मुख्य कारण: रिंग रोड प्रोजेक्ट
इंदौर के आसपास प्रस्तावित रिंग रोड के लिए बड़े पैमाने पर कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। किसानों का दावा है कि यह जमीन उनकी “जीवन रेखा” है और वे इसके बदले मिलने वाले मुआवजे के बजाय अपनी जमीन को बचाना चाहते हैं।




