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निरीक्षक / श्री निलेश कुमार श्रीवास्तव, सदस्य, रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति। निरीक्षण अवधि: लगभग 5 घंटे (प्रातः 11:30 बजे से शुरू)। कवरेज: प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 से 7 तक।

⚠️ मुख्य चिंताएं और गंभीर मुद्दे
1. वेंडर माफिया और अवैध वसूली
- पूरे स्टेशन पर वेंडर माफिया की भरमार है।
- ‘रेल नीर’ पानी की बोतल अभी भी ₹15 में बेची जा रही है, जबकि इसका निर्धारित मूल्य कम है (संभवतः ₹10 या ₹15, लेकिन “अभी भी ₹15” दर्शा रहा है कि यह ओवरचार्जिंग की पुरानी समस्या बनी हुई है)।
- प्लेटफॉर्म क्रमांक 6 का वेंडर प्लेटफॉर्म क्रमांक 3 पर सामान बेच रहा था, जो एकाधिकार और वेंडर माफिया की उपस्थिति को दर्शाता है।
- स्टेशन परिसर पर वेंडरों द्वारा कब्जा किया जा रहा है।

2. खान-पान की गुणवत्ता और स्वच्छता (हाइजीन)
- खुले में भोजन बनाना और बेचना: प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 पर पोहा खुले आम स्टेशन पर ही बन रहा था और प्लास्टिक के बोरो में पैक हो रहा था।
- बासी/अज्ञात गुणवत्ता का भोजन: बने हुए चावल की स्थिति भी यही थी, जिसकी गुणवत्ता की जांच की आवश्यकता बताई गई।
- खुले में रखी खाद्य वस्तुएं: समोसे, इटली, सांभर, रायता जैसी वस्तुएं खुले आम रखी जा रही थीं।
- गंभीर स्वच्छता उल्लंघन: एक स्टॉल पर अंडे की तरी में मक्खी देखी गई।

3. शाकाहारी/मांसाहारी भोजन की व्यवस्था
- शाकाहारी भोजनालयों का अभाव: पूरे स्टेशन पर शाकाहारी भोजन का रेस्टोरेंट देखने को नहीं मिला।
- संयुक्त बिक्री: सभी रेस्टोरेंट में वेज और नॉनवेज साथ में बेचा जा रहा है, और दोनों के लिए अलग-अलग किचन की व्यवस्था नहीं देखी गई। इससे यह आशंका जताई गई है कि दोनों भोजन एक ही पात्र में बन रहे होंगे, जो शाकाहारी यात्रियों के लिए एक बड़ी समस्या है।
- उपलब्धता: स्टेशन पर सिर्फ ब्रेड आमलेट एवं अंडा बिरयानी मिलती दिखाई दी, जिससे यह माना गया कि स्टेशन पर नॉनवेज खाना ही प्रमुखता से मिलता है।

4. ‘जनता भोजन’ की अनुपलब्धता
- जनता भोजन (सस्ता/पॉकेट-फ्रेंडली भोजन) नदारद था।
- यह मात्र एक छोटी सी प्लास्टिक की पॉलिथीन में रखा गया था।
- पूछने पर वेंडर ने बताया कि ग्राहक नहीं मांगते तो हम नहीं रखते हैं, जो कि रेलवे की अनिवार्य सेवा के उल्लंघन का एक बहाना हो सकता है।

5. स्टेशन परिसर की गंदगी और बुनियादी ढांचा
- गंदगी: पानी पीने के स्थान के नीचे गंदगी में चटनी के केन पाए गए, जो भयावह स्थिति में थे।
- बुनियादी ढांचा: प्लेटफॉर्म क्रमांक 4 के ब्रिज से पानी टपक रहा था। स्टेशन प्रबंधक ने इसे तोड़कर दोबारा बनाने की बात कही।
- यात्री असुविधा: यात्रियों को ठंडे समोसे और ठंडी रोटियां खाने को मिल रही थीं।

आगामी कार्रवाई
श्री निलेश श्रीवास्तव इस निरीक्षण की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके रेलवे बोर्ड और भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री पंकज त्यागी जी को सौंपेंगे।
- जो भी जिम्मेदार होगा उस पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना।
- निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

स्टेशन का महत्व
- इटारसी भोपाल मंडल का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है।
- लगभग 2 लाख यात्री प्रतिदिन यहाँ से आवागमन करते हैं।





