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भोपाल/खंडवा (डीआर न्यूज़) | शनिवार, फरवरी 14, 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज खंडवा जिले के पंधाना से प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को महाशिवरात्रि का बड़ा उपहार दिया है। एक सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री ने 1836 करोड़ रुपए की राशि बहनों के खातों में अंतरित की।
“बहनें मध्यप्रदेश की लक्ष्मी और अन्नपूर्णा हैं”
जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी का स्थान सर्वोपरि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के खजाने में बहनों के कल्याण के लिए कोई कमी नहीं है। अब तक इस योजना के तहत कुल 52,304 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है।
खंडवा को मिली 608 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान खंडवा के चहुंमुखी विकास के लिए कई घोषणाएं और लोकार्पण किए:
- भूमि-पूजन: 255 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का शिलान्यास।
- लोकार्पण: 353.82 करोड़ की लागत के 11 विकास कार्यों का उद्घाटन।
- प्रमुख परियोजनाएं: 301 करोड़ की भाम सिंचाई परियोजना, पंधाना का नवीन सांदीपनि विद्यालय और खंडवा नगर निगम की नई सीवरेज परियोजना।
- विशेष घोषणा: पंधाना में प्याज प्रोसेसिंग यूनिट और सुक्ता माइक्रो सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी गई।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम: ‘लखपति’ के बाद अब ‘ड्रोन दीदी’

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया:
- स्व-सहायता समूह: प्रदेश में 5 लाख समूहों के माध्यम से 62 लाख बहनें आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
- ड्रोन दीदी: बहनें अब खेती में तकनीक का उपयोग कर ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में नई पहचान बना रही हैं।
- अतिरिक्त सहायता: कपास आधारित उद्योगों में काम करने वाली बहनों को 5,000 रुपए प्रति माह अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
धार्मिक और पर्यटन विकास: निमाड़ बनेगा अद्भुत केंद्र
मुख्यमंत्री ने निमाड़ अंचल की धार्मिक महत्ता पर जोर देते हुए कहा:
- ओंकारेश्वर विकास: बाबा ममलेश्वर धाम (ओंकारेश्वर) के लिए 300 करोड़ के विकास कार्य जारी हैं।
- एकात्म धाम: ‘स्टैच्यू ऑफ वननेस’ और संत सिंगाजी धाम के विकास से पर्यटन बढ़ेगा।
- रेलवे कनेक्टिविटी: जल्द ही खंडवा-ओंकारेश्वर-इंदौर के बीच नई रेल लाइन शुरू होगी, जिससे दिल्ली-मुंबई से जुड़ाव आसान होगा।
कृषक कल्याण वर्ष 2026: खेती और पशुपालन पर फोकस
- वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित किया गया है।
- दूध उत्पादन को 9% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य।
- गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल सुनिश्चित किया जाएगा।
“जब घर की माताओं-बहनों के हाथ में पैसा आता है, तो वह पूरे परिवार की समृद्धि में लगता है। हमारी सरकार हर पात्र हितग्राही को पक्का मकान देने के लिए फिर से सर्वे करा रही है।” > — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, म.प्र.
कार्यक्रम में उपस्थिति: इस गरिमामयी अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक छाया गोविंद मोरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और हजारों लाड़ली बहनें उपस्थित रहीं।




