एमपी में ‘श्री अन्न’ पर सियासत और भ्रष्टाचार का साया: बिना खरीदी 50 लाख के बैग खरीदे, CM से शिकायत

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भोपाल | मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना’ अब विवादों के घेरे में है। आदिवासी किसानों को कोदो-कुटकी के उचित दाम दिलाने के नाम पर शुरू हुई इस योजना में करोड़ों रुपये के घोटाले के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुँच चुकी है।

क्या है मुख्य आरोप?

पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार:

  • कागजों पर प्रोत्साहन: योजना के लिए करीब 105 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई थी, लेकिन पिछले दो वर्षों से न तो किसानों से फसल खरीदी गई और न ही उन्हें कोई भुगतान मिला।
  • बैग खरीदी में खेल: जब किसानों से कोदो-कुटकी की खरीदी ही नहीं हुई, तो ₹50 लाख के पीपी (PP) बैग क्यों खरीदे गए? आरोप है कि यह खरीदी मनमाने दामों पर चहेते सप्लायरों को फायदा पहुँचाने के लिए की गई है।

भ्रष्टाचार का केंद्र: ‘श्री अन्न प्रोत्साहन फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी’

शिकायत में सीधे तौर पर ‘श्री अन्न प्रोत्साहन फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (फेडरेशन)’ की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया गया है। अनियमितताओं के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  1. अपारदर्शी प्रक्रिया: पीपी बैग की खरीदी के लिए कोई स्पष्ट निविदा (Tender) प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
  2. चयनित सप्लायर पर सवाल: चयनित सप्लायर की जानकारी और प्राप्त आवेदनों को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
  3. लापरवाही: किसानों के हित के बजाय बजट को ठिकाने लगाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

योजना का प्रोफाइल और वर्तमान स्थिति

विवरणजानकारी
योजना का नामरानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना
कुल बजटलगभग ₹105 करोड़
मुख्य फसलेंकोदो, कुटकी (मोटा अनाज)
मुख्य शिकायतकर्तापारस सकलेचा (पूर्व विधायक)
मांगनिष्पक्ष जांच और सप्लायरों की जानकारी सार्वजनिक करना

“आदिवासी किसानों के हक के पैसे का बंदरबांट हो रहा है। जब खरीदी का कोई अता-पता नहीं है, तो लाखों के बैग किसके लिए खरीदे गए? मुख्यमंत्री को इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए।” > — पारस सकलेचा, पूर्व विधायक

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