कुबेरेश्वर धाम में महामिलन: पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में पहुंचे बागेश्वर सरकार, गूँजा ‘हर-हर महादेव’

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सीहोर | 17 फरवरी, 2026 कुबेरेश्वर धाम में आयोजित भव्य शिव महापुराण कथा के चौथे दिन एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। कथा के बीच अचानक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एंट्री हुई, जिससे पूरा पंडाल ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

दो महान कथावाचकों का संगम

मंच पर जब पंडित प्रदीप मिश्रा और धीरेंद्र शास्त्री का मिलन हुआ, तो भक्तों का उत्साह चरम पर था।

  • धीरेंद्र शास्त्री का संबोधन: उन्होंने कहा, “पंडित प्रदीप मिश्रा जी की कथा अपने शहर में सुनना भाग्य है, लेकिन साक्षात् कुबेरेश्वर धाम की इस पावन धरा पर इसे सुनना परम सौभाग्य है।” उन्होंने भक्तों को हनुमान जी और महादेव की अटूट भक्ति का मार्ग दिखाया।

पंडित प्रदीप मिश्रा के मुख्य सूत्र: “विश्वास ही समाधान है”

कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव-भक्ति के कई गूढ़ और वैज्ञानिक रहस्यों पर प्रकाश डाला:

  1. अमर संबंध: उन्होंने शिव-सती प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि सांसारिक रिश्ते मृत्यु पर समाप्त हो जाते हैं, लेकिन शिव से रिश्ता जन्मों-जन्मों का है। महादेव ने सती के 88 लाख जन्म देखे हैं।
  2. संघर्ष और सुख: जिस तरह रात्रि के बाद सवेरा निश्चित है, उसी तरह महादेव पर विश्वास रखने वाले के जीवन में संघर्ष के बाद सुख आना तय है।
  3. बटरफ्लाई इफेक्ट (Butterfly Effect): वैज्ञानिक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि एक तितली के पंख फड़फड़ाने से प्रकृति पर असर पड़ सकता है, तो श्रद्धा से चढ़ाई गई एक बेलपत्री और जल का फल मिलना भी निश्चित है।

युवाओं को संदेश: “शास्त्रों की ओर लौटें”

पंडित मिश्रा ने आज की युवा पीढ़ी को तकनीक के मोहजाल से बचने की सलाह दी:

“मोबाइल और लैपटॉप की आभासी दुनिया से बाहर निकलें। अपने सनातन धर्म के ग्रंथों और शास्त्रों का अध्ययन करें। दूसरों के पीछे भागने के बजाय अपने समृद्ध ज्ञान भंडार को अपनाएं।”

आज की कथा का सार (Quick Highlights):

  • अतिथि: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम)।
  • मुख्य प्रसंग: शिव-सती विवाह और जन्मों का अटूट बंधन।
  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण: शिवरात्रि और नवरात्रि का रात्रि से आध्यात्मिक जुड़ाव।
  • अपील: युवाओं को ज्ञानवर्धक पुस्तकें और शास्त्र पढ़ने की प्रेरणा।

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