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सीहोर | प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, चंद्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में दो दिवसीय वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह “कृतिरंग” का हर्षोल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। महाविद्यालय के कुँवर चैन सिंह सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रतिभा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।
✨ भक्तिमय और गरिमामयी शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। डॉ. सिद्धनाथ खजुरिया के मंत्रोच्चारण ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। समारोह में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
- प्रभारी प्राचार्य: डॉ. गणेश लाल जैन
- प्रशासनिक अधिकारी: डॉ. शीलचंद्र गुप्ता
- अतिथि: डॉ. सरला (प्रोफेसर, शासकीय महाविद्यालय, फन्दा)
“स्नेह सम्मेलन जैसे आयोजन विद्यार्थियों के समावेशी विकास के लिए अनिवार्य हैं। ऐसी प्रतियोगिताओं में सहभागिता ही व्यक्तित्व विकास का असली मार्ग प्रशस्त करती है।” > — डॉ. गणेश लाल जैन, प्राचार्य

🏆 प्रतियोगिताओं की झलक: कला और संस्कृति का संगम
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. देवेंद्र कुमार वरवड़े ने समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसके बाद एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां शुरू हुईं:
| प्रतियोगिता | आकर्षण / विषय |
| रंगोली व मेंहदी | छात्राओं ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” विषय पर शानदार 3D रंगोली बनाई। |
| एकल गायन | भक्तिगीत, ग़ज़ल और लोकगीतों से वातावरण संगीतमय हो गया। |
| एकल नृत्य | शास्त्रीय, लोक और फ्रीस्टाइल नृत्य का अद्भुत प्रदर्शन। |
| समूह नृत्य | रंगारंग सामूहिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। |
| वेशभूषा | प्रतिभागियों ने भारत के विभिन्न अंचलों की पारंपरिक झलक पेश की। |

🤝 विशेष आकर्षण: कुर्सी दौड़ (Musical Chairs)
केवल छात्र ही नहीं, बल्कि स्टाफ और प्राध्यापकों ने भी कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इस गतिविधि ने परिसर में आपसी भाईचारे और आनंद का माहौल बना दिया।
🏅 निर्णायक मंडल (Jury Members)
प्रतियोगिताओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अनुभवी प्राध्यापकों ने निर्णायक की भूमिका निभाई:
- नृत्य: डॉ. शीलचंद्र गुप्ता, डॉ. सरला, डॉ. प्रमिला जैन।
- गायन: डॉ. नोरा रूथ कुमार, डॉ. मेघा बैरागी, डॉ. सरला।
- कला: डॉ. हुमा अख्तर, पूर्णिमा सिंह परिहार, रुख़साना अंजुम ख़ान।

🎙️ कुशल प्रबंधन और आभार
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. विनयमणि त्रिपाठी एवं हितेश दुबे द्वारा किया गया। अंत में, डॉ. मॉली थॉमस ने सभी सहयोगियों, स्टाफ और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के पहले दिन के सफल समापन की घोषणा की।




