Drnewsindia/खरगोन। जिले में प्रशासनिक लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महेश्वर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) रीना चौहान को गंभीर अनियमितताओं के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामला जनपद पंचायत के वार्ड नंबर 7 की जगह वार्ड नंबर 9 में उपचुनाव कराने से जुड़ा है।

नामांकन के दौरान हुई बड़ी चूक
जानकारी के अनुसार उपचुनाव के दौरान एक प्रत्याशी का नामांकन पत्र दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर जमा करने के लिए लाया गया था। लेकिन रिटर्निंग अफसर ने यह कहते हुए फॉर्म स्वीकार नहीं किया कि नामांकन का समय समाप्त हो चुका है।
नियमानुसार उपचुनाव की विधिवत घोषणा अगले दिन यानी 16 दिसंबर को होनी थी, लेकिन उससे पहले ही प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
गलत वार्ड में कराया गया उपचुनाव
मामले में सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि रिक्त पद वार्ड नंबर 7 में था, जबकि उपचुनाव वार्ड नंबर 9 में करा दिया गया। इस गलती ने पूरी चुनाव प्रक्रिया को सवालों के घेरे में ला दिया।
ग्राउंड रिपोर्ट के बाद खुली प्रशासन की आंखें
इस पूरे मामले को ‘आजतक’ चैनल ने बीते शनिवार को अपनी ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए उजागर किया था। रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच तेज हुई और जिम्मेदारी तय करते हुए जनपद पंचायत CEO रीना चौहान को निलंबित कर दिया गया।
CEO ने रखा था अपना पक्ष
ग्राउंड रिपोर्ट में जनपद पंचायत CEO रीना चौहान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि
“मुझे इस संबंध में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।”
हालांकि प्रशासन ने इसे कर्तव्य में घोर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की।
प्रशासनिक सख्ती का संकेत
इस कार्रवाई को प्रशासन की ओर से चुनावी प्रक्रिया में लापरवाही पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अब पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।




