drnewsindia.com/गुजरात के साणंद में केन्स टेक्नोलॉजी के सेमीकंडक्टर प्लांट के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारत के तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को देश के टेक्नोलॉजी भविष्य का मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” विजन को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है।
एक महीने में दो बड़े सेमीकंडक्टर माइलस्टोन
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि 28 फरवरी को Micron Technology के प्लांट में प्रोडक्शन शुरू हुआ और अब 31 मार्च को केन्स टेक्नोलॉजी प्लांट भी चालू हो गया।
उन्होंने इसे संयोग नहीं बल्कि भारत के तेजी से बढ़ते सेमीकंडक्टर सेक्टर का प्रमाण बताया।
भारत की कंपनी बनी ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा
PM मोदी ने कहा कि भारत की अपनी कंपनी केन्स का ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में शामिल होना गर्व का विषय है।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भारतीय कंपनियां ग्लोबल सहयोग के जरिए मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करेंगी।
साणंद से सिलिकॉन वैली तक बनेगा टेक्नोलॉजी ब्रिज
प्रधानमंत्री ने कहा कि साणंद का यह प्लांट अब वैश्विक स्तर पर काम करेगा। यहां बनने वाले Intelligent Power Modules का बड़ा हिस्सा पहले ही एक्सपोर्ट के लिए बुक हो चुका है।
ये प्रोडक्ट अमेरिका सहित दुनिया भर में इस्तेमाल होंगे, जिससे भारत की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।
EV और इंडस्ट्री सेक्टर को मिलेगा बड़ा बूस्ट
इस प्लांट में बनने वाले मॉड्यूल्स से इलेक्ट्रिक व्हीकल, हैवी इंडस्ट्री और क्लीन एनर्जी सेक्टर को बड़ा लाभ मिलेगा।
PM ने इसे ग्लोबल पार्टनरशिप और भविष्य की टेक्नोलॉजी का मजबूत आधार बताया।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन से मिली रफ्तार
प्रधानमंत्री ने बताया कि 2021 में शुरू हुए India Semiconductor Mission के तहत देश के 6 राज्यों में 1.60 लाख करोड़ रुपए के 10 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
केन्स और माइक्रोन प्रोजेक्ट भी इसी मिशन का हिस्सा हैं।
सेमीकंडक्टर 2.0 और आत्मनिर्भर भारत पर जोर
सरकार ने अब सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की है, जिसमें उपकरण और मटेरियल निर्माण पर फोकस रहेगा।
PM मोदी ने कहा कि भारत का लक्ष्य एक “फुल स्टैक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम” तैयार करना है।
85 हजार प्रोफेशनल्स और 400 यूनिवर्सिटीज जुड़ीं
देश में सेमीकंडक्टर सेक्टर को मजबूत करने के लिए 85 हजार से अधिक डिजाइन प्रोफेशनल्स तैयार किए जा रहे हैं।
साथ ही 400 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज और स्टार्टअप्स को चिप डिजाइन टूल्स की सुविधा दी गई है।
50 बिलियन डॉलर का मार्केट, 100 बिलियन का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट वर्तमान में लगभग 50 बिलियन डॉलर का है, जो दशक के अंत तक 100 बिलियन डॉलर पार कर सकता है।
उन्होंने इसे निवेशकों के लिए बड़ा अवसर बताया।
क्रिटिकल मिनरल्स और टेक्नोलॉजी पर फोकस
सरकार ने क्रिटिकल मिनरल्स मिशन और रेयर अर्थ कॉरिडोर की भी घोषणा की है, जिससे सप्लाई चेन मजबूत होगी।
इसके साथ ही AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस और न्यूक्लियर सेक्टर में भी बड़े सुधार किए जा रहे हैं।
“यह दशक भारत का टेक्नोलॉजी दशक”
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि 21वीं सदी का यह दशक भारत के लिए “टेक्नोलॉजी दशक” है, जिसमें देश वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।




