जयपुर, 15 जनवरी 2026 – राजस्थान की राजधानी जयपुर आज इतिहास की साक्षी बनी। पहली बार सेना के छावनी (Cantonment) क्षेत्र से बाहर निकलकर आर्मी डे परेड का आयोजन सार्वजनिक रूप से जगतपुरा के महल रोड पर किया गया। आसमान में गरजते जगुआर और जमीन पर दहाड़ते अर्जुन टैंकों ने भारतीय सेना की शक्ति का ऐसा प्रदर्शन किया कि वहां मौजूद लाखों लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
मुख्य आकर्षण: जब सड़कों पर उतरे ‘युद्ध के देवता’
परेड में सेना के उन हथियारों और टुकड़ियों का प्रदर्शन किया गया जो दुश्मन के दांत खट्टे करने के लिए जानी जाती हैं:
हथियार/इक्विपमेंट
विशेषता
ब्रह्मोस मिसाइल
दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल।
पिनाका लॉन्चर
स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम।
T-90 भीष्म टैंक
125mm स्मूथ बोर गन से लैस, 5 किमी तक मिसाइल दागने में सक्षम।
अर्जुन टैंक
आत्मनिर्भर भारत की पहचान, 120mm राइफल गन से लैस।
अपाचे हेलिकॉप्टर
दुनिया का सबसे घातक अटैक हेलिकॉप्टर।
46m मॉड्यूलर ब्रिज
नदियों और खाइयों को मिनटों में पार करने वाली आधुनिक तकनीक।
भावुक क्षण: शहीद की मां का सर्वोच्च बलिदान
परेड की शुरुआत शौर्य और वीरता के सम्मान के साथ हुई। ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए 1 पैरा स्पेशल फोर्स के जवान लान्स नायक प्रदीप कुमार को मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया गया।
एक हृदयविदारक दृश्य: जब शहीद प्रदीप कुमार की मां मंच पर पदक लेने पहुंचीं, तो अपने वीर पुत्र की याद और गर्व के अतिरेक में वह बेहोश हो गईं। सेना के अधिकारियों ने उन्हें तुरंत संभाला और मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई। यह क्षण वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में आंसू और दिल में सेना के प्रति सम्मान भर गया।
आसमान में पराक्रम: ‘फ्लाई पास्ट’ ने जीता दिल
बीकानेर के नाल एयरबेस से उड़ान भरकर आए जगुआर फाइटर जेट्स ने जब जयपुर के आसमान में फॉर्मेशन बनाई, तो पूरा इलाका तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहीं, हेलिकॉप्टरों द्वारा परेड पर की गई फूलों की वर्षा ने माहौल को और भी गौरवशाली बना दिया।
61वीं कैवेलरी: विरासत और गौरव
विश्व की एकमात्र सक्रिय घुड़सवार रेजिमेंट, 61वीं कैवेलरी, ने भी इस परेड में हिस्सा लिया। 1953 में स्थापित इस रेजिमेंट के नाम इतिहास में अंतिम ‘कैवेलरी चार्ज’ का गौरव दर्ज है।
भारत-नेपाल मैत्री का संदेश
परेड में नेपाल आर्मी बैंड की भागीदारी विशेष आकर्षण रही। 1954 में स्थापित यह बैंड दोनों देशों की सेनाओं के बीच दशकों पुरानी दोस्ती और सांस्कृतिक मेलजोल का प्रतीक बनकर उभरा।
मुख्य अतिथि और गणमान्य उपस्थिति
इस भव्य कार्यक्रम में राजनीति और सेना के दिग्गज एक साथ नजर आए:
मुख्य अतिथि: जनरल वी.के. सिंह (मिजोरम के राज्यपाल)
विशिष्ट अतिथि: जनरल अनिल चौहान (CDS), हरिभाऊ बागड़े (राज्यपाल, राजस्थान)
राज्य सरकार: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम दीया कुमारी, राज्यवर्धन सिंह राठौड़।
व्यवस्था और सुरक्षा: जयपुर का नया रिकॉर्ड
दर्शक: करीब 1.5 से 2 लाख लोगों ने इस परेड को देखा।
रूट: महल रोड, जीवन रेखा हॉस्पिटल से बॉम्बे हॉस्पिटल तक 3 किमी का स्ट्रेच।
प्रबंधन: 18 अलग-अलग पार्किंग स्पॉट और ड्रोन-डॉग स्क्वाड के जरिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा।
प्रवेश: केवल SSO ID रजिस्टर्ड लोगों को आधार कार्ड के साथ अनुमति दी गई।
शाम का विशेष कार्यक्रम: ‘शौर्य संध्या’
सेना दिवस का उत्सव यहीं समाप्त नहीं होता। आज शाम सवाई मान सिंह (SMS) स्टेडियम में ‘शौर्य संध्या’ का आयोजन होगा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शिरकत करेंगे। इसके साथ ही, कल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जयपुर दौरा प्रस्तावित है, जिसके लिए सुरक्षा रिहर्सल जारी है।