असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा से पूछताछ जारी, स्लॉटर हाउस ले जाकर कराया गया घटनास्थल का निरीक्षण
Drnewsindia/भोपाल।
गोमांस तस्करी मामले में गिरफ्तार असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा और ट्रक ड्राइवर शोएब खान से पूछताछ जारी है। शनिवार अलसुबह एसआईटी (SIT) दोनों आरोपियों को लेकर जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस पहुंची, जहां घटनास्थल का गहन निरीक्षण कराया गया।
एसआईटी के साथ नगर निगम और वेटनरी विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। करीब 50–60 अधिकारियों की टीम ने स्लॉटर हाउस में पूरी प्रक्रिया की जानकारी आरोपियों से जुटाई।
स्लॉटर हाउस में क्या-क्या होता था, हर बिंदु पर पूछताछ
निरीक्षण के दौरान टीम ने असलम से पूछा कि—
- स्लॉटर कहां किया जाता था
- मांस कहां से आता था
- पैकिंग कहां होती थी
- मांस को कहां रखा जाता और कहां भेजा जाता था
- यहां किसकी ड्यूटी रहती थी और कौन कब आता-जाता था
इन सभी बिंदुओं पर असलम के बयानों का मौके पर मिलान किया गया।
CCTV कैमरों की भी जांच
पुलिस ने स्लॉटर हाउस में लगे CCTV कैमरों की भी जांच शुरू कर दी है।
यह देखा जा रहा है कि—
- कैमरे चालू थे या नहीं
- फुटेज सुरक्षित है या नहीं
- किसकी निगरानी में पूरा काम होता था
इन तथ्यों के आधार पर एसआईटी आगे की कार्रवाई तय करेगी।
अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े होने के संकेत
सूत्रों के मुताबिक, गोमांस तस्करी और चमड़े के इस कारोबार के अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
एसआईटी ने स्लॉटर हाउस में आने-जाने वाले लोगों, कर्मचारियों और दखल रखने वालों की पूरी सूची तैयार कर ली है।
अब—
- संदिग्ध लोगों को तलब किया जाएगा
- कर्मचारियों के बैकग्राउंड की जांच होगी
- असलम के बयान को सबूतों के सामने रखकर सत्यापित किया जाएगा
वन विहार तक मांस सप्लाई की भी जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि वन विहार में जानवरों के लिए लंबे समय से मांस की सप्लाई की जा रही थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि—
- मांस कहां से आता था
- कौन सप्लाई करता था
- किसके आदेश पर सप्लाई होती थी
बिजनेस पार्टनर और गुर्गों की जानकारी मांगी
पुलिस पूछताछ में असलम ने बताया कि—
- मांस की पैकिंग केवल स्लॉटर हाउस में होती थी
- माल आगरा की एक प्रतिष्ठित एग्रो फूड कंपनी का बताया जा रहा है
इसके बाद पुलिस ने—
- असलम के बिजनेस पार्टनर
- और उसके करीबी गुर्गों
की जानकारी जुटाई है।
स्लॉटरिंग से पहले जानवरों का चेकअप करने वाले डॉ. बेनी प्रसाद गौर की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है।
ड्राइवर शोएब का दावा
ट्रक ड्राइवर शोएब खान का कहना है कि उसे ट्रक में गोमांस होने की जानकारी नहीं थी।
हालांकि, पुलिस उसके बयान की भी तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है।
25 जनवरी को रिमांड खत्म, कोर्ट में पेशी
दोनों आरोपियों—असलम और शोएब—की रिमांड अवधि 25 जनवरी को खत्म हो रही है।
पुलिस दोनों को कोर्ट में पेश करेगी और आगे की रिमांड की मांग कर सकती है।
17 दिसंबर की घटना से खुला मामला
गौरतलब है कि 17 दिसंबर 2025 की रात पुलिस मुख्यालय के सामने हिंदू संगठनों ने मांस से भरा एक ट्रक पकड़ा था।
- ट्रक में 26 टन मांस था
- आरोप था कि यह गोमांस है
पुलिस ने सैंपल लेकर मथुरा लैब भेजे, जहां रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि हुई।
इसके बाद जहांगीराबाद पुलिस ने केस दर्ज कर पहले ड्राइवर और फिर लाइन स्टॉक कंपनी के संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा को गिरफ्तार किया।
SIT का बयान
एसआईटी प्रमुख एसीपी उमेश तिवारी ने कहा—
“मामले की जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”




