एक दिन 32 हजार सस्ती, अगले ही दिन 17 हजार रुपये महंगी
सोना भी बेकाबू, निवेशकों की बढ़ी चिंता
Drnewsindia/नई दिल्ली।
मल्टी कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोमवार को जहां चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई थी, वहीं मंगलवार को चांदी ने फिर से रफ्तार पकड़ ली और एक झटके में करीब 17,000 रुपये प्रति किलो महंगी हो गई। सोने की कीमतों में भी तेज उछाल दर्ज किया गया है।
सोमवार को आई थी तगड़ी गिरावट
सोमवार को अंतरराष्ट्रीय संकेतों और मुनाफावसूली के चलते सोना और चांदी दोनों में भारी बिकवाली देखी गई थी।
- चांदी करीब 32,000 रुपये प्रति किलो तक टूट गई थी
- सोने की कीमतों में भी हजारों रुपये की गिरावट आई थी
इस गिरावट से निवेशकों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं पाई।
मंगलवार को फिर उछाल, चांदी ने चौंकाया
मंगलवार को बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखी गई।
- चांदी करीब 17,000 रुपये प्रति किलो उछल गई
- सोना भी मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया
इस अचानक आई तेजी ने एक बार फिर निवेशकों और ग्राहकों को हैरान कर दिया है।
क्यों नहीं रुक रही चांदी की कीमतों में तेजी?
चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के पीछे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण माने जा रहे हैं।
1. चीन का बड़ा फैसला
चीन 1 जनवरी से सिल्वर एक्सपोर्ट लाइसेंस से जुड़े नए नियम लागू करने जा रहा है।
इसका मतलब है कि अब चांदी का निर्यात पहले की तुलना में अधिक नियंत्रित होगा। इससे वैश्विक बाजार में सप्लाई घटने की आशंका है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ रहा है।
2. इंडस्ट्रियल डिमांड में बढ़ोतरी
सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।
3. ग्लोबल अनिश्चितता
डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं की ओर रुख कर रहे हैं।
सोना भी बेकाबू
सोने की कीमतों में भी स्थिरता नहीं दिख रही है। कभी गिरावट तो कभी तेज उछाल ने ग्राहकों की खरीदारी की योजना को प्रभावित किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना-चांदी दोनों में अस्थिरता बनी रह सकती है।
निवेशकों के लिए क्या सलाह?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल
- जल्दबाजी में खरीद या बिक्री से बचें
- लंबी अवधि के निवेशक चरणबद्ध तरीके से निवेश करें
- रोजाना के भाव और वैश्विक संकेतों पर नजर रखें




