चैत्र नवरात्रि 2026: चौथे दिन ऐसे करें मां कूष्मांडा की पूजा, जानें मंत्र और आरती

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22 मार्च 2026: चैत्र नवरात्रि का आज चौथा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप माता कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाती है। माना जाता है कि जब सृष्टि का अस्तित्व नहीं था और चारों ओर घना अंधकार छाया था, तब माता ने अपनी मंद मुस्कान से ही ब्रह्मांड की रचना की थी। अष्टभुजाओं वाली मां कूष्मांडा भक्तों के सभी संतापों को हर लेती हैं।


🪷 पूजा की सरल विधि

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  • स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं और साफ वस्त्र धारण करें।
  • ध्यान: पूजा स्थल पर बैठकर मां कूष्मांडा का ध्यान और स्मरण करें।
  • कलश और दीप: धूप-दीप जलाएं और मां को कुमकुम, अक्षत, और फल अर्पित करें।
  • भोग: मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग अति प्रिय है, संभव हो तो इसका भोग लगाएं।

🔱 सिद्ध मंत्र (पूजा के दौरान करें जाप)

भक्तों को पूजा के समय इन मंत्रों का जाप करना चाहिए:

1. प्रार्थना मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

2. मूल एवं बीज मंत्र

  • मूल मंत्र: ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः
  • बीज मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्माण्डायै नमः

3. स्तुति मंत्र

सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।

दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥


🎶 मां कूष्मांडा की आरती

पूजा के अंत में इस आरती के साथ मां का आशीर्वाद लें:

कूष्माण्डा जय जग सुखदानी।

मुझ पर दया करो महारानी॥

पिङ्गला चण्डिका स्थान तुम्हारा।

तीनों लोक में तेरा उजियारा॥

अष्टभुजी मां अष्टम योगिनी।

हरे कष्ट सब तुष्ट भोगिनी॥

कुम्हड़े की बलि करती प्यारी।

तभी नाम कूष्माण्डा भारी॥

क्रोधित हो जाए जब माता।

भय से कांपे सारा जग दाता॥

… (पूरी आरती का पाठ करें) …

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