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रायपुर | 11 फरवरी 2026
छत्तीसगढ़ ने सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत मंगलवार को प्रदेश भर में 6,414 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ। एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में हुए विवाहों ने ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में छत्तीसगढ़ का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया है।
महाआयोजन की मुख्य विशेषताएं:
- रिकॉर्ड संख्या: कुल 6,414 जोड़ों ने एक साथ नए जीवन की शुरुआत की।
- प्रमुख जिले: रायपुर, कवर्धा, जगदलपुर, गरियाबंद और सुकमा सहित प्रदेश के सभी जिलों में भव्य आयोजन हुए।
- मुख्यमंत्री का आशीर्वाद: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी नवदंपतियों को वर्चुअल आशीर्वाद दिया।
- नक्सल मुख्यधारा: जगदलपुर और गरियाबंद में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी इस योजना के तहत विवाह रचाया, जो समाज की मुख्यधारा में उनके लौटने का एक सुखद संकेत है।
आर्थिक सहायता में भारी वृद्धि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में योजना के सफर को साझा करते हुए बताया:
- शुरुआत: यह योजना 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा मात्र ₹5,000 की सहायता राशि के साथ शुरू की गई थी।
- वर्तमान स्थिति: आज सरकार प्रत्येक जोड़े के विवाह के लिए ₹50,000 की सहायता प्रदान कर रही है।
- उद्देश्य: गरीब परिवारों को बेटियों की शादी के लिए कर्ज या संपत्ति गिरवी रखने की मजबूरी से बचाना।

नक्सलवाद छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटे जोड़े
इस आयोजन की सबसे भावुक तस्वीर बस्तर और गरियाबंद से आई, जहाँ सुकमा में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने शस्त्र छोड़ जीवनसाथी का हाथ थामा। गरियाबंद में खूंखार नक्सली चलपती के साथ रहे चार सरेंडर नक्सलियों ने भी इस योजना के माध्यम से वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया। यह सरकार की पुनर्वास नीति और सामाजिक सुरक्षा की बड़ी जीत मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा:

“अब छत्तीसगढ़ के गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। यह योजना समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण का प्रतीक है। 6 हजार से अधिक जोड़ों का एक साथ विवाह बंधन में बंधना हमारी सामाजिक एकता और सद्भाव को दर्शाता है।”




