कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में सीएम ने दिए सुशासन, नवाचार और संवेदनशीलता के मंत्र
Drnewsindia.com/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन और अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने सभी लोक सेवकों से प्रदेश के समग्र एवं समावेशी विकास के लिए प्राण-प्रण से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा — “जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, इसे हर हाल में बनाए रखना हमारा कर्तव्य है।”

सुशासन का उद्देश्य – अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि शासन का अंतिम उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण की किरण पहुंचाना है। राज्य सरकार “सबके साथ, सबके लिए” खड़ी है।
दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में इस पर मंथन होगा कि शासन व्यवस्था को और अधिक सहज, सरल, पारदर्शी और विकेंद्रीकृत कैसे बनाया जाए ताकि योजनाओं का लाभ जनता को तेजी से मिले।
गुड गवर्नेंस से ग्रेट रिजल्ट की दिशा में अग्रसर हों अधिकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र एवं जनकल्याण में फील्ड अफसरों की भूमिका सबसे अहम है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा — “गुड गवर्नेंस से हम ग्रेट रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परफॉर्म, रिफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र को आत्मसात करें।”
सीएम ने जिलों में नवाचार को बढ़ावा देने, जनता और जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखने तथा सोशल मीडिया पर शासन की योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया।

नवाचार और जनसेवा से बनाएं अपनी पहचान
सीएम ने कहा कि अधिकारी ऐसे कार्य करें जो जनता को लंबे समय तक याद रहें।
हर अधिकारी को अपने कार्यकाल का एक-एक क्षण जनकल्याण में लगाना चाहिए। नवाचार ऐसे हों जो दीर्घकालिक प्रभाव डालें और संबंधित विभाग से अनुमोदित हों ताकि वे स्थायी बन सकें।
कृषि और शिक्षा में उत्कृष्टता की दिशा में मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश दाल, मसाले और टमाटर उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। गेहूं, मक्का और मिर्च में दूसरा स्थान तथा दुग्ध उत्पादन में चौथा स्थान है।
उन्होंने कहा — “हम प्रदेश को दुग्ध कैपिटल बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। कृषि हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सिंचाई ही किसानों की आय वृद्धि का मार्ग है।”
शिक्षा पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए हर बच्चे को रोजगारोन्मुख और मूल्य आधारित शिक्षा देना आवश्यक है।
अधिकारियों को फील्ड विजिट और जनसंवाद बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिलों के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित फील्ड विजिट करें, गांवों में रात्रि विश्राम करें और स्कूल, छात्रावास, आंगनबाड़ी, राशन दुकान और अस्पतालों का औचक निरीक्षण करें।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मीडिया में आने वाली नकारात्मक खबरों का तथ्यों सहित खंडन करें और सोशल मीडिया पर सकारात्मक कार्यों का प्रचार करें।
सिंहस्थ 2028 को बताया विश्वस्तरीय अवसर
सीएम ने कहा कि सिंहस्थ-2028 मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक, धार्मिक और सांस्कृतिक सम्पन्नता को दुनिया के सामने लाने का अवसर है।
उन्होंने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि अपने जिलों के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का सौंदर्याकरण करें ताकि ये विश्व-स्तरीय आकर्षण बनें।
‘विकसित मध्यप्रदेश @2047’ पर कार्य जारी
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में ‘विकसित मध्यप्रदेश @2047’ पर कार्य चल रहा है, जो प्रधानमंत्री मोदी के विजन से प्रेरित है।
उन्होंने बताया कि विजन डॉक्यूमेंट शीघ्र लॉन्च होगा, जिसका ध्येय एक सम्पन्न, सुखद और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश है।
चर्चा को आठ समूहों में बांटा गया है और हर सेक्टर — गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी और ज्ञान मिशन — पर फोकस रहेगा।
संवाद, संवेदनशीलता और तकनीक से बनेगा सशक्त प्रशासन
मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारी जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनें और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करें।
प्रत्येक माह दो बार वर्चुअल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी ताकि फॉलोअप और समन्वय बना रहे।
उन्होंने कहा कि अधिकारी सप्ताह में दो दिन क्षेत्रीय भ्रमण और रात्रि विश्राम करें ताकि प्रशासनिक कार्यों में जमीनी समझ विकसित हो सके।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय कुमार शुक्ला सहित सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, कमिश्नर, कलेक्टर्स, जिला पंचायत सीईओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित




