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जैसलमेर (रामगढ़): जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर पारेवर गांव में स्थित वंडर सीमेंट प्लांट बुधवार सुबह छावनी में तब्दील हो गया। एक सुपरवाइजर द्वारा मजदूर को मारे गए थप्पड़ की गूंज इतनी तेज हुई कि सैकड़ों मजदूरों ने पूरे प्लांट को तहस-नहस कर दिया। स्थिति यह थी कि लाठी-डंडे लिए मजदूरों के आगे पुलिस को भी जान बचाकर पीछे हटना पड़ा।
विवाद की चिंगारी: एक थप्पड़ और भड़का गुस्सा
घटना सुबह करीब 9:00 बजे की है। पंजाब निवासी एक मजदूर साइट पर जा रहा था, जिसे सुपरवाइजर रोहित ने रोकने की कोशिश की।
- विवाद: दोनों के बीच बहस हुई और आरोप है कि रोहित ने मजदूर को थप्पड़ जड़ दिया।
- नतीजा: साथी मजदूर को पिटता देख वहां मौजूद सैकड़ों कामगार उग्र हो गए।

‘जान बचाकर भागे अधिकारी, पुलिस भी हुई फेल’
गुस्साए मजदूरों से बचने के लिए सुपरवाइजर रोहित अपनी गाड़ी लेकर वहां से फरार हो गया। इसके बाद मजदूरों ने प्लांट के अन्य स्टाफ को निशाना बनाया। कई अधिकारियों ने कमरों और प्लांट के कोनों में छुपकर अपनी जान बचाई।
थाना प्रभारी भुट्टा राम विश्नोई का बयान: “मौके पर मजदूरों की संख्या पुलिस बल से कहीं अधिक थी। सुरक्षा कारणों और भीड़ के उग्र व्यवहार को देखते हुए हमें रणनीतिक रूप से पीछे हटना पड़ा।”
4 थानों की फोर्स ने संभाला मोर्चा
हालात बेकाबू होते देख जैसलमेर से भारी पुलिस बल रवाना किया गया। फिलहाल मौके पर:
- सदर थाना, सम, रामगढ़ और कोतवाली की पुलिस तैनात है।
- पूरे इलाके को घेरे में ले लिया गया है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
- प्लांट में काम पूरी तरह ठप है और तनाव बरकरार है।





