‘ड्यूटी नहीं, सेवा भाव’: प्रशासन का मूल मंत्र

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सीहोर / कलेक्टर और एसपी ने तैनात अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस आयोजन में उनकी भूमिका केवल शासकीय ड्यूटी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘सेवा का अवसर’ है।

  • व्यवहार: सभी कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र, सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • उपस्थिति: अधिकारियों को अपने निर्धारित पॉइंट पर पूरे समय तैनात रहने और बिना अनुमति स्थल न छोड़ने की सख्त हिदायत दी गई है।

मूलभूत सुविधाएं और स्वच्छता

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए बुनियादी जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:

  • पेयजल: स्वच्छ पानी की सतत आपूर्ति के लिए टैंकरों और पाइपलाइनों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
  • हेल्प डेस्क: कंट्रोल रूम और सहायता केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने को कहा गया है ताकि किसी भी शिकायत या गुमशुदगी की स्थिति में त्वरित समाधान मिल सके।

यातायात और स्वास्थ्य प्रबंधन

लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की गई है:

  • ट्रैफिक: मुख्य मार्गों पर जाम न लगे, इसके लिए पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है और यातायात पुलिस को मुस्तैद रहने को कहा गया है।
  • स्वास्थ्य: अस्थायी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं, डॉक्टरों की उपस्थिति और आपातकालीन स्थिति के लिए एम्बुलेंस को ‘अलर्ट मोड’ पर रखा गया है।

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