drnewsindia.com
नई दिल्ली। देश की राजधानी में एलपीजी (LPG) की आपूर्ति का संकट गहराता जा रहा है। दिल्ली सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद बाज़ार से 5 किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर गायब हैं। बड़े सिलिंडरों की किल्लत के बीच अब छोटे सिलिंडरों की कमी ने आम लोगों, विशेषकर कम आय वाले परिवारों की कमर तोड़ दी है।
एजेंसियों के चक्कर काट रहे उपभोक्ता
राजधानी की कई गैस एजेंसियों पर स्थिति यह है कि छोटे सिलिंडर या तो स्टॉक में ही नहीं हैं, या फिर इतनी कम संख्या में आते हैं कि मिनटों में खत्म हो जाते हैं। आपूर्ति प्रभावित होने के कारण उन लोगों को सबसे ज्यादा मार पड़ रही है जो दैनिक आधार पर ईंधन का इंतजाम करते हैं।
इन पर पड़ा सबसे बुरा असर:
- छोटे दुकानदार और ठेला चालक: अपनी आजीविका के लिए छोटे सिलिंडर पर निर्भर रहने वाले दुकानदारों का काम ठप होने की कगार पर है।
- किराएदार और छात्र: दिल्ली में किराए पर रहने वाले लोगों के लिए बड़े सिलिंडर का खर्च उठाना और उसे रिफिल कराना मुश्किल हो रहा है।
- कम खपत वाले परिवार: जो परिवार भारी-भरकम खर्च से बचने के लिए छोटे सिलिंडर चुनते थे, वे अब मजबूरन महंगे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।
सरकार के निर्देश बेअसर?
हैरानी की बात यह है कि दिल्ली सरकार ने आपूर्ति सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इनका पालन होता नहीं दिख रहा है। एजेंसियों पर लंबी कतारें और ‘स्टॉक खत्म’ के बोर्ड ग्राहकों को निराश कर रहे हैं।
महंगे विकल्पों की मजबूरी
सरकारी एजेंसियों से सस्ता सिलिंडर न मिलने के कारण मजबूर होकर लोग ब्लैक मार्केट या निजी विक्रेताओं से ऊंचे दामों पर गैस खरीदने को विवश हैं। जनता प्रशासन से मांग कर रही है कि आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए ताकि गरीब और मध्यम वर्ग को राहत मिल सके।
दिल्ली-NCR की हर ताज़ा और महत्वपूर्ण खबर के लिए हमारी वेबसाइट के साथ जुड़े रहें।




