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देवास | जिले के टोकखुर्द क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नांदला गांव में बुधवार को उस समय मातम पसर गया, जब बिजली की लाइनों में हुए शॉर्ट सर्किट ने खेतों को आग के दरिया में बदल दिया। देखते ही देखते करीब 30 से 40 बीघा में खड़ी लहलहाती फसलें राख के ढेर में तब्दील हो गईं।
🔥 कैसे भड़की आग: शॉर्ट सर्किट बना काल
ग्रामीणों के अनुसार, खेतों के ऊपर से गुजर रही विद्युत वितरण कंपनी की हाई-टेंशन लाइनों में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। उससे निकली एक छोटी सी चिंगारी ने सूखी फसल के संपर्क में आते ही विकराल रूप ले लिया।
- बड़ा नुकसान: इस भीषण अग्निकांड की चपेट में आने से इलाके के 8 से 9 किसानों की तैयार फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
- ग्रामीणों का संघर्ष: आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर-दराज से धुएं का गुबार देखा जा सकता था। दमकल के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों और निजी संसाधनों की मदद से जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की।

📍 घटना के मुख्य बिंदु (Highlights):
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | नांदला गांव, टोकखुर्द (देवास) |
| नुकसान का अनुमान | 30 से 40 बीघा खेत |
| प्रभावित किसान | करीब 9 परिवार |
| आग का कारण | बिजली लाइनों में शॉर्ट सर्किट |
| वर्तमान स्थिति | आग बुझाई गई, लेकिन फसल नष्ट |

⚠️ किसानों का आक्रोश: बिजली कंपनी पर उठे सवाल
हादसे के बाद किसानों में गहरा रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि जर्जर बिजली की लाइनें और झूलते तार लगातार खतरा बने रहते हैं, जिसकी शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हुआ।
मांग: प्रभावित किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर तत्काल मुआवजे (Compensation) की मांग की है, ताकि उनकी साल भर की मेहनत के नुकसान की भरपाई हो सके।

📢 क्या सावधानी बरतें?
खेतों में फसल कटाई के सीजन के दौरान बिजली कंपनी और किसानों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- ट्रांसफार्मर के आसपास सफाई रखें।
- ढीले तारों की जानकारी तुरंत विभाग को दें।
- खेतों के पास आग जलाने या बीड़ी-सिगरेट से बचें।




