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नई दिल्ली/इंदौर | मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध की आग अब भारतीय रसोई और होटलों तक पहुँच गई है। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ मार्ग बाधित होने और कतर में उत्पादन रुकने से भारत में एलपीजी (LPG) की भारी किल्लत शुरू हो गई है। हालात इतने गंभीर हैं कि सरकार को आपातकालीन कदम उठाने पड़े हैं।
इन 10 राज्यों में मचा हाहाकार
मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कॉमर्शियल गैस की सप्लाई पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
- महाराष्ट्र: पुणे में गैस आधारित शवदाह गृह बंद हो गए हैं। करीब 9,000 रेस्टोरेंट्स पर ताला लगने की नौबत है।
- मध्य प्रदेश/राजस्थान: शादी-ब्याह के सीजन में सप्लाई रुकने से कैटरर्स और मैरिज गार्डन संचालकों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
- पंजाब: 25 दिन से पहले घरेलू सिलेंडर की बुकिंग पर रोक लगा दी गई है।
आम आदमी पर दोहरी मार: दाम बढ़े, नियम बदले
सरकार ने संकट के बीच सप्लाई चेन बनाए रखने के लिए नियमों में कड़ा बदलाव किया है:
- बुकिंग गैप: अब घरेलू सिलेंडर डिलीवर होने के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग हो सकेगी (पहले यह 21 दिन था)।
- महंगाई: दिल्ली में घरेलू सिलेंडर के दाम ₹60 बढ़कर ₹913 हो गए हैं, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर ₹115 महंगा होकर ₹1883 (दिल्ली दर) पर पहुँच गया है।
- सुरक्षा: जमाखोरी रोकने के लिए अब डिलीवरी के समय OTP या बायोमेट्रिक अनिवार्य कर दिया गया है।
क्यों खड़ा हुआ यह संकट? (3 मुख्य कारण)
| कारण | असर |
| स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ब्लॉक | भारत अपनी 54% LNG इसी रास्ते से मंगाता है, जो अब युद्ध के कारण असुरक्षित है। |
| कतर में उत्पादन ठप | ईरान के ड्रोन हमले के बाद भारत के सबसे बड़े सप्लायर ‘कतर’ ने प्रोडक्शन रोक दिया है। |
| शिपमेंट में देरी | मिडिल ईस्ट के तनाव से टैंकरों का रास्ता लंबा और जोखिम भरा हो गया है। |
सरकार का एक्शन प्लान: क्या होगा आगे?
- प्रायोरिटी शिफ्ट: रिफाइनरियों को आदेश दिया गया है कि प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल केवल घरेलू (रसोई) गैस बनाने के लिए करें।
- कमेटी का गठन: पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के निदेशकों की हाई-लेवल कमेटी बनाई है।
- वैकल्पिक मार्ग: अमेरिका, रूस और अल्जीरिया से अतिरिक्त गैस मंगाने की कोशिशें जारी हैं।
अपील: इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने जनता से ‘पैनिक बुकिंग’ न करने की अपील की है। सरकार का दावा है कि आवश्यक सेवाओं (अस्पताल और स्कूल) के लिए सप्लाई जारी रहेगी।
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