
नई दिल्ली | drnewsindia.com ईरान युद्ध के चलते वैश्विक अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल, 27 मार्च को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा युद्ध के बाद बिगड़े हालात और देश की आंतरिक सुरक्षा व अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव की समीक्षा करना है।
📌 बैठक की 3 बड़ी बातें:
- युद्ध के असर पर मंथन: पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों से ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।
- इन राज्यों को छूट: बैठक में उन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे जहाँ वर्तमान में चुनाव (चुनावी राज्यों) की प्रक्रिया चल रही है।
- ‘कोरोनाकाल’ जैसी चुनौती: पीएम ने पहले ही चेतावनी दी है कि यदि जंग जारी रही, तो आने वाला समय कोरोनाकाल जैसी कड़ी परीक्षा वाला हो सकता है, जिसके लिए केंद्र और राज्यों को एकजुट होना होगा।
⛽ पेट्रोल-डीजल की कमी पर सरकार का बड़ा बयान
सोशल मीडिया पर देश में ईंधन की किल्लत की खबरों को लेकर मचे हड़कंप के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
- किल्लत की खबरें महज अफवाह: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। यह सब ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) बढ़ाने के लिए फैलाया जा रहा एक प्रोपेगैंडा है।
- 60 दिन का बैकअप: सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दुनिया के हालात चाहे जो भी हों, भारत के पास 60 दिनों का पर्याप्त स्टॉक (पेट्रोल और डीजल) मौजूद है।
- सख्त कार्रवाई की चेतावनी: अफवाह फैलाने वालों और गलत जानकारी साझा करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर मंत्रालय कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।
⚠️ पैनिक न हों, सुरक्षित रहें
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं और न ही गैस सिलेंडर का अनावश्यक स्टॉक करें। आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू है।
“आने वाला समय परीक्षा की घड़ी है। केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा ताकि आम जनता को युद्ध के वैश्विक दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।” > — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (राज्यसभा में संबोधन के दौरान)



