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दोराहा (सीहोर): जिले के दोराहा क्षेत्र में इन दिनों नशेड़ियों और शराबियों के हौसले बुलंद हैं। बस स्टैंड स्थित पंजाब नेशनल बैंक और ग्राम पंचायत भवन के पीछे, हैंडपंप के पास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा हर समय देखा जा सकता है। आलम यह है कि सार्वजनिक स्थान होने के बावजूद यहां खुलेआम नशाखोरी का खेल चल रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है।
सार्वजनिक स्थान पर ‘गुंडागर्दी’ और गाली-गलौज
पंचायत भवन और बैंक परिसर होने के कारण यहां दिन भर महिलाओं और ग्रामीणों का आवागमन बना रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहाँ बैठने वाले गंजेड़ी और शराबी आने-जाने वालों को देखकर अभद्र व्यवहार और गंदी-गंदी गालियां देते हैं।
- विरोध करने पर मिलती है धमकी: यदि कोई जागरूक नागरिक इन्हें टोकने या समझाने की कोशिश करता है, तो ये लोग डराने-धमकाने पर उतारू हो जाते हैं।
- संरक्षण का आरोप: चर्चा है कि कुछ स्थानीय रसूखदारों के संरक्षण के कारण इन नशेड़ियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभाग इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। जब भी ग्रामीण इसकी शिकायत करते हैं, तो उन्हें निराशा ही हाथ लगती है।
“सिस्टम के पास इन असामाजिक तत्वों को सुधारने का समय नहीं है। शिकायत करने पर कहा जाता है कि ‘हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते’। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर इन पर लगाम कौन लगाएगा?” — स्थानीय निवासी
दहशत में महिलाएं और ग्रामीण
तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह बेखौफ होकर ये लोग सार्वजनिक स्थानों पर बैठकर नशा कर रहे हैं। इस असुरक्षित माहौल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और स्कूली बच्चों को हो रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि इस क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए और सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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