दोराहा: मौसम की मार ने बढ़ाई अन्नदाता की टेंशन; गेहूं-चने की फसलों पर संकट, 5 डिग्री तक गिरा पारा

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drnewsindia.com

दोराहा (सीहोर)। क्षेत्र में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। बीते 24 घंटों में तापमान में आई भारी गिरावट और बेमौसम बारिश ने कटाई के मुहाने पर खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। 24 फरवरी को न्यूनतम तापमान गिरकर 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया, जो कि सामान्य से काफी कम है।

📉 पारे में 5 डिग्री की बड़ी गिरावट

क्षेत्र में सर्दी का अहसास एक बार फिर बढ़ गया है। पिछले 24 घंटों के भीतर पारा करीब 5 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया है।

  • सुबह-रात का हाल: अलसुबह और रात के समय तापमान 12 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है।
  • अचानक बदलाव: पारे में इस उतार-चढ़ाव ने न केवल फसलों बल्कि जनजीवन और स्वास्थ्य पर भी असर डाला है।

🌾 भीग गई कटी फसलें, बढ़ी सड़ने की आशंका

दोराहा क्षेत्र के कई इलाकों में गेहूं और चने की कटाई शुरू हो चुकी है। बारिश के कारण खेतों में पड़ी कटी हुई फसलें पूरी तरह भीग गई हैं। कृषि विशेषज्ञों ने इसे लेकर चेतावनी जारी की है:

  1. चमक होगी फीकी: अधिक नमी के कारण गेहूं के दानों की स्वाभाविक चमक कम हो सकती है।
  2. क्वालिटी पर असर: दाने काले पड़ने और उनमें सड़न पैदा होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे मंडी में सही दाम मिलना मुश्किल होगा।
  3. आड़ी हुई फसल: तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर बिछ (आड़ी होना) गई हैं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा।

📢 विशेषज्ञों की सलाह

कृषि विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि यदि फसलों में नमी ज्यादा है, तो उन्हें तुरंत एकत्रित न करें। मौसम साफ होने पर अच्छी तरह सुखाकर ही थ्रेशिंग करें। नमी वाली फसल को ढंकने के लिए तिरपाल या प्लास्टिक शीट का उपयोग करें ताकि नुकसान को कम किया जा सके।


💡 की-हाइलाइट्स:

  • न्यूनतम तापमान: 10°C (24 फरवरी)।
  • प्रभावित फसलें: गेहूं और चना।
  • मुख्य कारण: बेमौसम बारिश और तेज हवाएं।

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