नोहलेश्वर महोत्सव आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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नोहटा को नगर परिषद बनाने की घोषणा, 600 करोड़ की सिंचाई परियोजना सहित कई विकास कार्यों का ऐलान

drnewsindia.com/भोपाल/दमोह | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नोहलेश्वर महोत्सव केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का उत्सव है। राज्य सरकार प्रदेश के सभी आस्था स्थलों के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के ग्राम नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव मेले के अवसर पर किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया और मंदिर परिसर में लगाई गई विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।


नोहटा बनेगा नगर परिषद, गीता भवन निर्माण की घोषणा

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता की मांग पर नोहटा को परीक्षण उपरांत नगर परिषद बनाने की घोषणा की। साथ ही दमोह में 2 करोड़ रुपए की लागत से गीता भवन निर्माण कराने का ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता बढ़ाकर 600 करोड़ रुपए की नई सिंचाई परियोजना विकसित की जाएगी, जिससे जिले के 33 गांवों के खेतों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।


पर्यटन और खेल सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने दमोह में पर्यटन विकास के लिए 10 करोड़ रुपए की लागत से वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब और अन्य पर्यटन गतिविधियों विकसित करने की घोषणा की।
इसके अलावा तेंदूखेड़ा और हटा में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए नए स्टेडियम बनाए जाएंगे।

कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर का सम्मान भी किया गया।


बुंदेलखंड विकास और कृषि पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दमोह सहित पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ रुपए की नई योजना स्वीकृत की गई है और दमोह के लिए नया फोरलेन मार्ग भी मंजूर किया गया है।

उन्होंने बताया कि जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 69 जैविक हाट लगाए गए हैं, जहां अब तक 28 लाख रुपए के उत्पादों की बिक्री हो चुकी है। किसानों को खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था की भी सराहना की गई।


किसान और पशुपालन सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं और उनकी समृद्धि से ही राष्ट्र मजबूत बनेगा। राज्य सरकार कृषि के साथ पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए लक्ष्य तय किया गया है तथा गौपालन और गौ-संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।


महिला सशक्तिकरण और लाड़ली बहना योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं और बहनों का स्थान सर्वोपरि है। राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए की सहायता राशि प्रदान कर रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।


पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि नोहलेश्वर मंदिर 1100 वर्ष से अधिक प्राचीन है, जिसका निर्माण कलचुरी काल में महारानी नोहला द्वारा कराया गया था। महोत्सव से क्षेत्रीय पर्यटन को नई पहचान मिल रही है।

उन्होंने प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बढ़ रही है और जल्द ही नौरादेही अभयारण्य में भी चीतों को छोड़ा जाएगा।

ग्रामीण रोजगार बढ़ाने के लिए राज्य सरकार होम-स्टे योजना को भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि हो रही है।


जनप्रतिनिधियों ने भी रखे विचार

कार्यक्रम में संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं और क्षेत्रीय प्रगति पर अपने विचार व्यक्त किए।

किसान सम्मेलन में बड़ी संख्या में किसान, लाड़ली बहनें, युवा एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

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