Drnewsindia/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक लेख साझा किया, जिसमें बताया गया है कि किस तरह ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। यह पहल न केवल भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक बनी है, बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रही है।
प्रधानमंत्री ने यह लेख केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए एक पोस्ट के जवाब में साझा किया। पीएमओ इंडिया के आधिकारिक हैंडल से कहा गया कि इस लेख में यह विस्तार से बताया गया है कि परीक्षा पे चर्चा कैसे छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को जोड़ते हुए देशव्यापी आंदोलन बन गई है।
पीएमओ इंडिया ने अपने पोस्ट में कहा,
“इस लेख में केंद्रीय मंत्री श्री @dpradhanbjp ने बताया है कि कैसे परीक्षा पे चर्चा एक जन आंदोलन बन गया है, जो भारत की शैक्षिक यात्रा में एक निर्णायक बदलाव का प्रतीक है और विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करता है।”
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लेख में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का भी उल्लेख किया। उन्होंने दोहराया कि एनईपी 2020 अपने बाल-केंद्रित दृष्टिकोण, भारतीय ज्ञान प्रणालियों पर विशेष ध्यान और मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ छात्रों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा पे चर्चा का उद्देश्य परीक्षा को तनाव का कारण बनाने के बजाय उसे सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर बनाना है। यह पहल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और समग्र विकास को प्राथमिकता देती है।




