राज्य भर में 35 परियोजनाओं की जांच — 13 में सुधार के निर्देश, एक सड़क दोबारा खुदवाई
Drnewsindia.com/लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा प्रदेश में चल रहे निर्माण कार्यों का हर महीने औचक निरीक्षण किया जाता है। इसी क्रम में भोपाल से पहुंची इंजीनियरों की टीमों ने हाल ही में 7 जिलों में 35 निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं, जिस पर विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए दो ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कहां-कहां हुआ निरीक्षण?
जांच टीमें सीहोर, कटनी, अशोकनगर, बड़वानी, मऊगंज, उज्जैन और दमोह जिलों में पहुंचीं।
इन कार्यों में शामिल रहे:
- 21 कार्य — लोक निर्माण विभाग (सड़क/पुल)
- 6 कार्य — पीआईयू (भवन)
- 6 कार्य — मप्र सड़क विकास निगम
- 1 कार्य — मप्र भवन विकास निगम
- 1 कार्य — राष्ट्रीय राजमार्ग (भोपाल)
कटनी में दो ठेकेदार ब्लैकलिस्ट
निरीक्षण में कटनी जिले की दो सड़कों की प्रगति और गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई:
- भिलाई मोड़–कटायेघाट झुरही मार्ग
- कौडिया बंधी धूरी–खिरहनी–पिपरिया मार्ग
➡️ संबंधित ठेकेदार मेसर्स सुबीर कुमार और मेसर्स अमित सिंह को ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है।
अशोकनगर में नोटिस
- शासकीय महाविद्यालय, पिपरई के भवन निर्माण में अत्यधिक धीमी प्रगति
- कार्यपालन यंत्री और ठेकेदार मेसर्स सिद्धार्थ बिल्डर्स को नोटिस जारी
3 करोड़ से बन रही सड़क खोदवाई
- गुना, बमोरी ब्लॉक — 4.8 किमी सड़क निर्माण (लागत 3 करोड़)
- ईएनसी विजय गुप्ता ने गुणवत्ताहीन कार्य पाए जाने पर 4 किमी सड़क खुदवाने का आदेश दिया
“गंभीर गड़बड़ियां मिली हैं। ठेकेदार को पूरी सड़क दोबारा बनानी होगी। जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
— ईएनसी विजय गुप्ता
13 कार्यों में सुधार के निर्देश
निर्माण गुणवत्ता सुधारते हुए:
- रोड रिपेयर
- ट्रैफिक सेफ्टी
- रोड मार्किंग
- ब्लैक स्पॉट सुधार
को प्राथमिकता देने के साफ निर्देश दिए गए हैं।
CM हेल्पलाइन और लोकपथ ऐप पर भी ध्यान
- शिकायतों का 4 दिन में समाधान अनिवार्य
- पुल-पुलियों का सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्णय
- वर्षा के बाद सभी आवश्यक संधारण कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश




