Drnewsindia.com/डिब्रूगढ़ (असम) | डीआर न्यूज़ डेस्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए असम के डिब्रूगढ़ में पूर्वोत्तर की पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (Emergency Landing Facility – ELF) का उद्घाटन किया। यह मील का पत्थर न केवल सामरिक दृष्टि से बल्कि नागरिक सुरक्षा के लिहाज से भी ऐतिहासिक माना जा रहा है।
“गर्व का क्षण”: प्रधानमंत्री ने साझा की खुशी
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लिखा:
“यह अत्यंत गर्व का विषय है कि पूर्वोत्तर को पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा मिली है। स्ट्रेटेजिक दृष्टि से और प्राकृतिक आपदाओं के समय, यह सुविधा बहुत महत्व रखती है।”
क्यों खास है यह ELF? मुख्य विशेषताएं:

- सामरिक महत्व (Strategic Importance): चीन और म्यांमार सीमा के करीब होने के कारण, युद्ध या आपातकाल की स्थिति में लड़ाकू विमानों और सैन्य परिवहन जहाजों के लिए यह एक वैकल्पिक रनवे का काम करेगा।
- प्राकृतिक आपदा में मददगार: पूर्वोत्तर भारत अक्सर बाढ़ और भूकंप जैसी आपदाओं के प्रति संवेदनशील रहता है। ऐसे समय में राहत सामग्री पहुँचाने और बचाव कार्यों के लिए यह रनवे जीवनरेखा साबित होगा।
- कनेक्टिविटी को बढ़ावा: इस सुविधा के साथ पूर्वोत्तर की एयर-कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी, जिससे दुर्गम क्षेत्रों तक पहुँच आसान होगी।
विकास की नई उड़ान
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में जोर दिया कि केंद्र सरकार ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत पूर्वोत्तर के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। डिब्रूगढ़ में बनी यह ELF आधुनिक तकनीक और इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है, जो भारतीय वायुसेना की क्षमताओं में भी इजाफा करेगी।




