प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों की तैयारी तेज़: मुख्यमंत्री मोहन यादव की फिर अमित शाह से मुलाकात, एल्डरमैन से लेकर बोर्ड-आयोगों में होगी नियुक्तियां

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प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों की तैयारी, फिर शाह से मिले सीएम
भोपाल। मध्यप्रदेश में लंबे समय से लंबित राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया अब तेज़ होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर मुलाकात की। बीते दो महीनों में यह पांचवीं मुलाकात है, जो बताती है कि प्रदेश में जल्द ही एल्डरमैन, निगम-मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों की घोषणा हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री निवास पर इस विषय को लेकर बीते दो महीनों से लगातार बैठकें चल रही हैं। संगठन और सरकार के बीच तालमेल बनाते हुए इन नियुक्तियों को अंतिम रूप देने की कवायद जारी है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री इन नियुक्तियों को लेकर केंद्रीय नेतृत्व से हर पहलू पर सलाह-मशविरा कर रहे हैं, ताकि प्रदेश में प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर संतुलन कायम किया जा सके।

खाली पदों को भरने की तैयारी

राज्य में भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने के बाद अब राजनीतिक नियुक्तियों की दिशा स्पष्ट हो गई है। सरकार अब उन 45 निगम-मंडलों और बोर्डों के पदों को भरने की तैयारी में है, जिनकी नियुक्तियाँ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले निरस्त कर दी थीं। तब से ये पद खाली पड़े हैं।

इन नियुक्तियों से सरकार को प्रशासनिक मजबूती मिलेगी, वहीं भाजपा संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का अवसर मिलेगा। नई टीम के जरिए सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक और प्रभावी ढंग से पहुंचाने की रणनीति बना रही है।

क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर फोकस

सूत्रों के मुताबिक, आगामी नियुक्तियों में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि सभी वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिल सके। सरकार का उद्देश्य है कि इन नियुक्तियों से संगठनात्मक ढांचे में संतुलन बने और आगामी निकाय व पंचायत चुनावों में राजनीतिक लाभ हासिल किया जा सके।

विशेष रूप से, वे नेता जो विधानसभा या लोकसभा चुनाव में टिकट से वंचित रह गए थे, या जो हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं, इन पदों के लिए दावेदारी कर रहे हैं। साथ ही पार्टी के लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी राजनीतिक जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

शाह-यादव मुलाकात के संकेत

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की बार-बार हो रही मुलाकातें इस बात का संकेत हैं कि दिल्ली नेतृत्व की सहमति के बाद अब नियुक्तियों की सूची किसी भी समय जारी हो सकती है। इससे न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा बल्कि राज्य सरकार को भी अपने विकास एजेंडे को तेज़ी से लागू करने में मदद मिलेगी।

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