उनके सिद्धांत हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक रहेंगे” – पीएम मोदी
drnewsindia.com/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मूल्यों पर आधारित उनके सिद्धांत और विचार देश की हर पीढ़ी के लिए पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा—
“मातृभूमि के अनन्य उपासक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन। मूल्यों पर आधारित उनके सिद्धांत और विचार देश की हर पीढ़ी के लिए पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे।”
संस्कृत सुभाषित के माध्यम से राष्ट्र सेवा का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र और मानवता की सेवा में सर्वस्व समर्पण की भावना को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया—
“यस्येमे हिमवन्तो महित्वा यस्य समुद्रं रसया सहाहुः।
यस्येमाः प्रदिशो यस्य बाहू कस्मै देवाय हविषा विधेम॥”
प्रधानमंत्री ने इसके भावार्थ में कहा कि जिस राष्ट्र की महिमा का वर्णन स्वयं हिमालय करता है, जिसकी कीर्ति नदियों के साथ समुद्र तक प्रवाहित होती है और जिसकी भुजाओं के समान दिशाएं उसे नमन करती हैं, उस राष्ट्र को हम अपना सर्वस्व समर्पित करते हैं।
अंत्योदय के प्रणेता के रूप में याद किए गए उपाध्याय जी

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भी इसी राष्ट्र सेवा की भावना के साथ अपना संपूर्ण जीवन देश के प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाने के लिए समर्पित किया।
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा—
“सर्वस्व समर्पण उस चेतना की अभिव्यक्ति है, जिसमें राष्ट्र और मानवता सर्वोपरि होती है। अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भी इसी भावना से देश के जन-जन को सशक्त बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।”




