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नंदीग्राम/कोलकाता | 2 अप्रैल, 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की बिसात बिछ चुकी है। सत्ताधारी टीएमसी और मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के बीच होने वाली सीधी टक्कर के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोर्चा संभाल लिया है। गुरुवार को शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के अवसर पर नंदीग्राम पहुंचे शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ललकारते हुए राज्य में बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत दिया है।
📍 अमित शाह का बड़ा ऐलान: “15 दिन तक बंगाल ही मेरा ठिकाना”
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए घोषणा की कि वह आगामी 15 दिनों तक लगातार पश्चिम बंगाल में ही रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे चुनावी कमान खुद संभालेंगे ताकि राज्य के कोने-कोने तक ‘परिवर्तन’ का संदेश पहुंचाया जा सके।
📢 संबोधन की प्रमुख बातें:
- नंदीग्राम से हुंकार: शाह ने कहा, “मैं यहाँ विशेष रूप से शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के लिए आया हूँ। शुभेंदु की जीत ही बंगाल में बड़े परिवर्तन की नींव रखेगी।”
- जनता का मिजाज: गृह मंत्री ने दावा किया कि उन्होंने पूरे बंगाल का दौरा किया है और हर जगह से एक ही आवाज आ रही है— “ममता बनर्जी को बाय-बाय कर दो।”
- चुनावी माहौल: शाह के अनुसार, राज्य की जनता अब ममता सरकार को विदा करने का मन बना चुकी है और बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
🛡️ नंदीग्राम बना सत्ता का केंद्र
नंदीग्राम की सीट इस चुनाव में सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबला बन गई है। शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के दौरान उमड़े जनसैलाब ने यह साबित कर दिया है कि बीजेपी इस सीट को प्रतिष्ठा की लड़ाई मान रही है। अमित शाह का अगले 15 दिनों तक बंगाल में डटे रहना टीएमसी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
🔍 न्यूज़ हाईलाइट्स:
- रणनीति: गृह मंत्री खुद 15 दिनों तक मैदान में रहकर चुनावी प्रबंधन देखेंगे।
- दावा: ‘एंटी-इंकंबेंसी’ (सत्ता विरोधी लहर) के चलते ममता सरकार की विदाई तय।
- लक्ष्य: नंदीग्राम सहित पूरे बंगाल में ‘परिवर्तन’ की लहर पैदा करना।
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