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भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने ‘आत्मनिर्भर और स्वस्थ मध्यप्रदेश’ की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 23,747 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है—गाँव हो या शहर, हर नागरिक को समय पर आधुनिक और किफायती इलाज मिले।
🏥 स्वास्थ्य बजट की बड़ी बातें (Highlights)
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य अधोसंरचना को जड़ से मजबूत करने के लिए धन का आवंटन किया है:
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन: प्राथमिक सेवाओं और टीकाकरण के लिए ₹4,600 करोड़।
- आयुष्मान भारत: योजना के क्रियान्वयन हेतु ₹2,139 करोड़ का प्रावधान।
- चिकित्सा शिक्षा: मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए ₹3,056 करोड़।
- जिला एवं सिविल अस्पताल: सुविधाओं के विस्तार हेतु ₹2,049 करोड़।
- नर्सिंग कॉलेज: नए निर्माण के लिए ₹80 करोड़ आवंटित।
🎓 चिकित्सा शिक्षा में ‘सुपर स्पेशलिटी’ क्रांति
मध्यप्रदेश अब मेडिकल एजुकेशन का हब बन रहा है। पिछले दो वर्षों में राज्य ने अभूतपूर्व प्रगति की है:
| विवरण | पहले | अब (प्रगति) |
| MBBS सीटें | 2,275 | 2,850 |
| PG सीटें | 1,262 | 1,468 |
| नए मेडिकल कॉलेज | – | 5 नए प्रारंभ, धार-बैतूल-पन्ना-कटनी (PPP मोड) प्रक्रिया में। |
| भर्ती प्रक्रिया | – | 3,850 चिकित्सक और 1,256 नर्सिंग ऑफिसर पदों पर भर्ती जारी। |
⭐ आयुष्मान योजना: मध्यप्रदेश देश में अव्वल
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि मध्यप्रदेश आयुष्मान कार्ड जारी करने में अग्रणी है:
- कुल कार्ड: 4 करोड़ 46 लाख से अधिक।
- आयुष्मान वय वंदना (70+ आयु): 15.48 लाख कार्डों के साथ MP देश में शीर्ष पर।
- नेटवर्क: 1,118 सरकारी और 720 निजी अस्पताल योजना से संबद्ध।
🏗️ जमीनी स्तर पर बुनियादी ढांचा (Infrastructure)
दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सरकार ने ‘माइक्रो’ लेवल पर प्लानिंग की है:
- नए जिला अस्पताल: मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में स्थापना कार्य जारी।
- बर्थ वेटिंग रूम: गर्भवती महिलाओं के लिए 228 बर्थ वेटिंग रूम तैयार, ताकि मातृ मृत्यु दर (MMR) कम हो सके।
- आयुर्वेद को बढ़ावा: प्रदेश में 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालय सह चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं।
- डिजिटल हेल्थ: प्रदेश के 55 जिला अस्पतालों और 10,000+ उप-केंद्रों में 48,000 बेड की उपलब्धता डिजिटल ट्रैकिंग के साथ।
👩⚕️ सामाजिक सुरक्षा और प्रोत्साहन
- आशा कार्यकर्ता: जमीनी स्तर पर काम करने वाली दीदियों के लिए ₹550 करोड़ का अतिरिक्त प्रोत्साहन।
- प्रसूति सहायता: ‘मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना’ के लिए ₹750 करोड़।
“स्वस्थ प्रदेश ही समृद्ध प्रदेश की आधारशिला है। हमारा संकल्प है कि आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित डॉक्टरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को नए आयाम दिए जाएँ।”
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री




