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सीहोर | थाना सिद्दीकगंज पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत के मार्गदर्शन में सिद्दीकगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ग्राम श्यामपुरा में हुई हत्या के मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों को पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया है।
🚨 क्या था पूरा मामला?
बीती 3 मार्च 2026 को ग्राम श्यामपुरा निवासी फरियादी लीलाबाई (पति लाल सिंह) की रिपोर्ट पर थाना सिद्दीकगंज में अपराध क्रमांक 30/2026 दर्ज किया गया था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत दर्ज था:
- धाराएं: 296(b), 115(2), 351(3), 103(1) [हत्या], और 3(5) BNS।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले ही मुख्य आरोपी बद्री जामले (40 वर्ष) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन अन्य आरोपी घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे।
🔍 इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
एसडीओपी दामोदर गुप्ता के नेतृत्व में थाना प्रभारी राजू सिंह बघेल और उनकी टीम ने घेराबंदी कर निम्नलिखित को हिरासत में लिया:
- अजय पिता बद्री (उम्र 23 वर्ष) – न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
- भुरसिंह पिता बद्री जामले (उम्र 18 वर्ष) – न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
- दो विधि विरुद्ध बालक – इन्हें अभिरक्षा में लेकर किशोर न्यायालय में पेश किया गया है।
👮 पुलिस टीम की भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण कार्यवाही को अंजाम देने में थाना प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह बघेल के साथ पूरी टीम का सराहनीय योगदान रहा:
| पद | नाम |
| प्रभारी | निरीक्षक राजू सिंह बघेल |
| प्रधान आरक्षक | धर्मेंद्र ठाकुर, अमरपाल राणावत, राकेश अहिरवार |
| आरक्षक | काव सिंह रावत, सुरेन्द्र राणा, जीवन जामले, राकेश डावर, हरिश डोडियार, राहुल मांझी, राजेश राजपूत |
| महिला आरक्षक | सारिका चौहान |
📌 मुख्य बिंदु:
- पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (Mobile Tracking/Technical Evidence) का बखूबी इस्तेमाल किया।
- प्रकरण को ‘चिन्हित अपराध’ की श्रेणी में रखकर विवेचना की जा रही है।
- आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में पुलिस का इकबाल बुलंद हुआ है।




