drnewsindia.com /नई दिल्ली/रायपुर, 10 फरवरी 2026।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में 7 से 9 फरवरी के बीच आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ उत्सव के सफल आयोजन पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जनजातीय विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल हमारी विरासत के संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एक समय बस्तर का नाम आते ही माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि सामने आती थी, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। आज बस्तर अपने विकास कार्यों और यहां के लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जाने लगा है।
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के X (पूर्व ट्विटर) पोस्ट के जवाब में यह संदेश साझा करते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाला समय बस्तर क्षेत्र के लिए शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव से परिपूर्ण होगा।

बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को मिला नया मंच
‘बस्तर पंडुम’ उत्सव के दौरान क्षेत्र की पारंपरिक लोक कलाएं, रीति-रिवाज और जनजातीय विरासत का भव्य प्रदर्शन किया गया। इस आयोजन ने स्थानीय कलाकारों और समुदायों को अपनी परंपराओं को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया, जिससे क्षेत्रीय संस्कृति को नई पहचान मिली।




