drnewsindia.com
बुधनी (सीहोर)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को अपने गृह क्षेत्र बुधनी पहुंचे। यहाँ उन्होंने ‘केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान’ (CFMTTI) में आयोजित राष्ट्रीय उन्नत कृषि यंत्रीकरण प्रदर्शनी में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए तकनीक और आधुनिक बीजों के समन्वय का नया रोडमैप देश के सामने रखा।
तकनीक से समृद्धि: “मशीनें नहीं, यह आत्मनिर्भरता की यात्रा है”
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने भावुक अंदाज में कहा— “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा संकल्प किसान को आत्मनिर्भर बनाना है। बुधनी की इस पावन धरा के कण-कण में कृषि का कौशल है। यहाँ लगी प्रदर्शनी महज मशीनों का जमावड़ा नहीं, बल्कि भारत की ‘तकनीक से समृद्धि’ तक की यात्रा का सजीव उदाहरण है।”
बुधनी के लिए बड़ी घोषणाएं (Key Highlights)
केंद्रीय मंत्री ने क्षेत्र और देश के किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- नेशनल सेंटर की स्थापना: बुधनी के CFMTTI केंद्र को अब कृषि मशीनों के प्रयोग और प्रशिक्षण के लिए देश का सबसे प्रमुख ‘नेशनल सेंटर’ बनाया जाएगा।
- अत्याधुनिक बीज प्रोसेसिंग सेंटर: श्री चौहान ने नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन के माध्यम से बुधनी में एक मॉडर्न ‘बीज प्रोसेसिंग सेंटर’ स्थापित करने के निर्देश दिए। यह केंद्र प्रयोगशालाओं में तैयार उच्च गुणवत्ता वाले बीज सीधे किसानों तक पहुँचाएगा।
- लागत में कमी: सरकार का लक्ष्य हर छोटे किसान तक आधुनिक यंत्र पहुँचाना है ताकि खेती का बोझ कम हो और मुनाफा बढ़े।
प्रमुख उपलब्धियां और लक्ष्य: एक नज़र में
| लक्ष्य | विवरण |
| आधुनिकता का लक्ष्य | 2026 तक भारतीय कृषि को पूर्णतः आधुनिक बनाना। |
| ग्लोबल सेंटर | बुधनी को कृषि मशीनरी का ग्लोबल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाना। |
| किसान संवाद | स्व-सहायता समूह की दीदियों और किसानों से सीधा संवाद। |
| रणनीति | वैज्ञानिक तकनीक + आधुनिक बीज = उन्नत खेती। |
गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक रमाकांत भार्गव, सीहोर विधायक सुदेश राय, आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा और भारत सरकार की संयुक्त सचिव रुक्मणी सुंदरम विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
“किसान देश की आत्मा है और कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़। जब तक किसान आधुनिक तकनीक से नहीं जुड़ेगा, तब तक लागत कम और उत्पादन अधिक का सपना पूरा नहीं होगा।” — शिवराज सिंह चौहान




