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यरुशलम: भारत और इजरायल के बीच रिश्तों की गर्माहट अब तकनीक के मैदान में भी दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने यरुशलम में आयोजित एक विशेष नवाचार प्रदर्शनी (Innovation Exhibition) का दौरा किया। यहाँ इजरायल की उन अत्याधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जो आने वाले समय में दुनिया की तस्वीर बदल सकती हैं।
किन क्षेत्रों में दिखी तकनीक की धमक?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, प्रदर्शनी में रणनीतिक महत्व के कई क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- भविष्य की तकनीक: क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा।
- जीवन रक्षक नवाचार: अत्याधुनिक स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी (Health-Tech)।
- पर्यावरण और ऊर्जा: जलवायु प्रौद्योगिकी, जल संसाधन प्रबंधन, कृषि और ऊर्जा समाधान।
- मोबिलिटी और स्पेस: स्मार्ट मोबिलिटी और अंतरिक्ष (Space) तकनीक।
PM मोदी का विज़न: “भारत में बड़े पैमाने पर बदलाव की क्षमता”
प्रधानमंत्री मोदी ने इन नवाचारों को बारीकी से देखा और भारतीय संदर्भ में उनकी उपयोगिता पर जोर दिया:
“ये नवाचार भारत में व्यापक स्तर पर अपनाए जाने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। मैं इजरायली कंपनियों को आमंत्रित करता हूँ कि वे भारतीय साझेदारों के साथ मिलकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपना योगदान दें।”
भारतीय कंपनियों के लिए बड़े अवसर
प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी में हिस्सा लेने वाली कंपनियों को ‘कोलैबोरेशन’ के लिए प्रेरित किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य:
- इजरायली स्टार्टअप्स को भारतीय बाजार से जोड़ना।
- कृषि और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में इजरायली तकनीक का भारत में विस्तार।
- रक्षा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।
एक नज़र में: मोदी-नेतन्याहू की टेक-विजिट
- कहाँ: यरुशलम, इजरायल।
- मुख्य आकर्षण: एआई और क्वांटम आधारित सुरक्षा समाधान।
- नतीजा: द्विपक्षीय व्यापारिक स्थिरता और ‘टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ को गति मिलने की उम्मीद।




