drnewsindia.com/साणंद/अहमदाबाद: भारत के औद्योगिक इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की अत्याधुनिक सुविधा का उद्घाटन किया। यह प्लांट न केवल भारत की चिप निर्माण क्षमता को वैश्विक स्तर पर ले जाएगा, बल्कि देश को ‘हार्डवेयर हब’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्य आकर्षण: साणंद से ग्लोबल मार्केट तक
1. 10 साल में ‘सॉफ्टवेयर’ से ‘हार्डवेयर’ की छलांग
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब भारत की चर्चा सिर्फ आईटी सेवाओं तक सीमित थी, लेकिन आज भारत हार्डवेयर के क्षेत्र में अपनी धाक जमा रहा है।
- रिकॉर्ड समय में निर्माण: जून 2023 में MoU हुआ और फरवरी 2026 में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू।
- स्पीड और स्केल: PM ने इस प्रोजेक्ट की गति की तुलना विकसित देशों से की, जहाँ टैक्स समझौतों में ही सालों लग जाते हैं।
2. 21वीं सदी का नया ‘ईंधन’ है चिप
प्रधानमंत्री ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण तुलना करते हुए कहा:
“अगर पिछली शताब्दी का रेगुलेटर ‘ऑयल’ (तेल) था, तो इस शताब्दी का रेगुलेटर ‘माइक्रो-चिप’ होने वाली है। यह चिप ही इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन और AI रिवोल्यूशन को जोड़ने वाला सेतु है।”
भारत-अमेरिका की साझेदारी का नया प्रतीक
यह प्रोजेक्ट भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रिश्तों का भी प्रमाण है।
- सप्लाई चेन सुरक्षा: AI और चिप टेक्नोलॉजी की ग्लोबल सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
- महत्वपूर्ण अतिथि: कार्यक्रम में माइक्रोन के CEO संजय मेहरोत्रा और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की उपस्थिति ने इस वैश्विक साझेदारी को रेखांकित किया।
साणंद: मिट्टी से सोना बनाने वाली धरती
PM मोदी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए भावुक क्षण साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे एक समय वह यहाँ साइकिल पर घूमते थे।
- ₹1 का निवेश: PM ने बताया कि कैसे उन्होंने रतन टाटा को सिर्फ एक रुपये का SMS (स्वागतम्) भेजकर साणंद के औद्योगिक विकास की नींव रखी थी।
- ऑटो से सेमीकंडक्टर तक: साणंद अब कार फैक्ट्री के बाद देश का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर क्लस्टर बनने जा रहा है।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और भविष्य की योजना
प्रधानमंत्री ने निवेशकों को स्पष्ट संदेश दिया: “India is Ready. India is Reliable. India Delivers.”
- पैन इंडिया नेटवर्क: साणंद के अलावा धोलेरा (गुजरात), नोएडा (यूपी), असम, ओडिशा और पंजाब में भी सेमीकंडक्टर यूनिट्स पर काम चल रहा है।
- रोजगार के अवसर: माइक्रोन का यह प्लांट दुनिया के सबसे बड़े ‘क्लीनरूम’ (Cleanroom) स्पेस में से एक है, जहाँ भविष्य में हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
प्रकृति और प्रगति का संगम
यह प्लांट पर्यावरण के अनुकूल बनाया गया है। इसमें Zero Liquid Discharge और पानी की न्यूनतम खपत की व्यवस्था की गई है, जिसकी प्रधानमंत्री ने विशेष सराहना की।




