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सीहोर (अतरालिया): गर्मी की दस्तक के साथ ही खेतों में आगजनी की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। ताजा मामला भेरूंदा क्षेत्र के ग्राम अतरालिया का है, जहाँ नरवाई की आग बुझाने गई दमकल की गाड़ी खुद ही लपटों की चपेट में आ गई। स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।
घटनाक्रम: क्या हुआ अतरालिया में?
- सूचना: ग्राम अतरालिया और बालागांव के बीच खेत में आग लगने की खबर मिली।
- स्थिति: दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाना शुरू किया।
- हादसा: आग इतनी तेजी से फैली कि उसने फायर ब्रिगेड के टायरों (पहियों) को अपनी चपेट में ले लिया।
- बचाव: मौके पर मौजूद ग्रामीणों और टीम ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद खेत और वाहन, दोनों की आग पर काबू पाया।
विवाद: “नरवाई” और “दबाव” का खेल
नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि मारुति शिशिर ने इस घटना पर स्पष्टीकरण देते हुए गंभीर स्थिति की ओर इशारा किया है:
- नरवाई बनाम फसल: खेत में खड़ी फसल नहीं, बल्कि कटाई के बाद बची नरवाई (पराली) जलाई गई थी।
- दबाव की राजनीति: शिशिर के अनुसार, टीम पर दबाव बनाया गया कि वे जलती हुई नरवाई के बीच से होकर आगे रखी कटी फसल को बचाएं।
- जोखिम: इसी दबाव के कारण ड्राइवर को जलती हुई नरवाई के अंदर गाड़ी ले जानी पड़ी, जिससे टायरों में आग लग गई।
सावधानी की अपील
“सीहोर जिले में गर्मी शुरू होते ही नरवाई जलाने की घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं। आग की लपटें न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रही हैं, बल्कि राहत कार्य में जुटी टीमों की जान भी जोखिम में डाल रही हैं।”




