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रूंदा (सीहोर) | 23 मार्च, 2026 सीहोर पुलिस ने ग्राम नंदगाँव में हुई सनसनीखेज नकबजनी का खुलासा करते हुए एक शातिर अंतराज्यीय गिरोह को दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 65 लाख रुपये के सोने-चाँदी के आभूषण और वारदात में प्रयुक्त 3 मोटरसाइकिलें जब्त की हैं।
घटनाक्रम: सूने घर को बनाया था निशाना
17 फरवरी 2026 को फरियादी देवी सिंह भाटी अपने परिवार के साथ रिश्तेदार के घर गए थे। शाम को लौटने पर उन्हें घर का ताला टूटा मिला और गोदरेज की अलमारी से कीमती जेवरात गायब थे। भैरूंदा पुलिस ने तत्काल बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
शातिर ‘पारदी गैंग’ की कार्यप्रणाली
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह कचरा बीनने के बहाने रेकी करता है:
- रेकी: गिरोह की महिलाएं कचरा बीनते हुए उन घरों की पहचान करती हैं जहाँ ताले लगे होते हैं।
- निगरानी: गिरोह के पुरुष सदस्य घर से दूर खड़े होकर निगरानी करते हैं।
- वारदात: किसी को शक न हो, इसके लिए महिलाएं ही घर में घुसकर ताला तोड़ती हैं और पलक झपकते ही चोरी कर गायब हो जाती हैं।
पुलिस की घेराबंदी: सीहोर से पंजाब तक एक्शन
एसपी श्री दीपक कुमार शुक्ला और एएसपी श्रीमती सुनीता रावत के निर्देशन में बनी विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों का पीछा किया:
- पहली सफलता: 25 फरवरी को इछावर से एमरसपाल पारदी सहित 4 आरोपियों को पकड़ा गया। उन्होंने चोरी का माल खेत में गड्ढा खोदकर छुपाया था।
- पंजाब में दबिश: जब पता चला कि शेष आरोपी चोरी के माल के साथ पंजाब भाग गए हैं, तो टीम ने वहां दबिश दी और 17 मार्च को राजेंद्र पारदी, करन, दिव्या और हलिका को गिरफ्तार कर शेष आभूषण बरामद किए।
बरामद मशरूका (कीमत ₹65 लाख)
- सोना (40 तोला): बाजूबंद, कंगन, हार, शीशफूल, नथ, चैन, अंगूठी, पेंडल आदि।
- चाँदी (800 ग्राम): पायल, हाथ के कड़े, बिछिया, सिक्के आदि।
- वाहन: वारदात में प्रयुक्त 3 मोटरसाइकिलें।

इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने में एसडीओपी रोशन कुमार जैन, थाना प्रभारी घनश्याम दांगी, उपनिरीक्षक पूजा सिंह राजपूत, कौशलेन्द्र सिंह बघेल, राजेश यादव और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा।




