ठंड के सीजन में मावठा गिरने की संभावना, 2 दिन बाद फिर कड़ाके की ठंड
Drnewsindia/भोपाल।
मध्य प्रदेश में सर्दी और कोहरे के बीच अब बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर समेत प्रदेश के 28 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। यह स्थिति साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और ट्रफ लाइन के सक्रिय होने के कारण बनी है।
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय चक्रवात से ट्रफ गुजर रही है, जिसका असर मंगलवार से अगले दो दिन तक मध्य प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस दौरान कहीं बादल तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

अगले 2 दिन इन जिलों में बारिश की चेतावनी
📅 27 जनवरी
भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, विदिशा, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, रायसेन, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना और पन्ना।
28 जनवरी
ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल और कटनी।

30 जनवरी को नया सिस्टम, फरवरी में भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में 30 जनवरी से नया मौसम सिस्टम सक्रिय होगा। इसके 2–3 दिन बाद मध्य प्रदेश में भी इसका असर दिखेगा।
इसका मतलब है कि फरवरी की शुरुआत में भी प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

तापमान में 2–3 डिग्री की गिरावट
बारिश और शीतलहर के कारण प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
कई शहरों में रात का तापमान फिर 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाएगा।

राजगढ़ सबसे ठंडा, दतिया–शिवपुरी में भी कड़ाके की सर्दी
सोमवार को भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन समेत 20 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा छाया रहा।
रीवा में स्थिति इतनी खराब रही कि 50 मीटर बाद कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।
रविवार–सोमवार की रात—
- राजगढ़ सबसे ठंडा रहा: 6.6°C
- दतिया–शिवपुरी: 8°C
- पचमढ़ी: 8.2°C
- नौगांव: 8.6°C
- श्योपुर: 9.4°C
बड़े शहरों में—
- ग्वालियर: 7.8°C
- भोपाल: 11.2°C
- इंदौर: 12.2°C
- उज्जैन: 12°C
- जबलपुर: 13.6°C

जनवरी ठंड के लिए क्यों खास
मौसम विभाग के मुताबिक, जिस तरह मानसून में जुलाई–अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह दिसंबर और जनवरी ठंड के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण महीने होते हैं।
इन महीनों में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, जिससे तापमान में तेज गिरावट होती है।
पिछले 10 साल के आंकड़े बताते हैं कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से जनवरी में मावठा (हल्की बारिश) भी गिरता है।
इस बार साल की शुरुआत से ही बादल छाए रहे और अब आखिरी सप्ताह में बारिश का दौर शुरू हो गया है।
MP के बड़े शहरों में जनवरी की ठंड का ट्रेंड
भोपाल
- 18 जनवरी 1935: न्यूनतम तापमान 0.6°C
- 26 जनवरी 2009: अधिकतम तापमान 33°C
- पिछले 10 में से 7 साल जनवरी में बारिश
इंदौर
- 16 जनवरी 1935: तापमान -1.1°C (रिकॉर्ड)
- 27 जनवरी 1990: अधिकतम 33.9°C
ग्वालियर
- 24 जनवरी 1954: तापमान -1.1°C
- पिछले 10 साल में 9 बार जनवरी में बारिश
उज्जैन
- 22 जनवरी 1962: तापमान 0°C
- पिछले 10 साल में न्यूनतम 2 से 5.8°C तक




