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भोपाल / 20-09-2025 राजधानी में शनिवार शाम को ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। पॉलिटेक्निक चौराहे से लेकर वीआईपी रोड तक करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। स्थिति यह रही कि रविंद्र भवन से गवर्नर हाउस जाने वाली सड़क भी घंटों तक जाम में फंसी रही।
दो से ढाई घंटे तक जाम में फंसे लोग
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि करीब दो से ढाई घंटे तक वाहन रेंगते हुए आगे बढ़े। कई जगहों पर लोग पैदल ही निकलने को मजबूर हो गए। पॉलिटेक्निक चौराहे और वीआईपी रोड पर तो गाड़ियों का इतना दबाव था कि आसपास की कॉलोनियों और वैकल्पिक रास्तों पर भी स्थिति बिगड़ गई।
सामाजिक जुलूस बना जाम की वजह
जानकारी के मुताबिक, शहर से एक सामाजिक जुलूस निकला था, जिसकी वजह से यह जाम लगा। जुलूस खत्म होने के बाद भी देर तक हालात सामान्य नहीं हो पाए। ट्रैफिक को नियंत्रित करने में स्थानीय पुलिस मौजूद रही, लेकिन नाकाफी साबित हुई। वहीं, मौके पर ट्रैफिक पुलिस की अनुपस्थिति ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
इन इलाकों में भी असर
जाम का असर केवल पॉलिटेक्निक और वीआईपी रोड तक सीमित नहीं रहा। प्रोफेसर कॉलोनी, श्यामला हिल्स रोड, आर्च ब्रिज, मोती मस्जिद, इकबाल मैदान, हमीदिया अस्पताल और पीर गेट तक वाहनों की कतारें देखने को मिलीं। लोगों का कहना है कि कई मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भारी दिक्कत हुई।
अफरा-तफरी का माहौल
शनिवार की शाम लोग परिवार संग बाहर घूमने और खरीदारी के लिए निकले थे, लेकिन घंटों तक जाम में फंसे रहे। राहगीरों और वाहन चालकों ने ट्रैफिक पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते सही व्यवस्थाएं की जातीं, तो इतना बड़ा जाम टाला जा सकता था।
लोगों की नाराजगी
जाम में फंसे लोगों का कहना है कि राजधानी की सड़कों पर आए दिन इस तरह की स्थिति बनती है। त्योहारों और जुलूसों के समय ट्रैफिक का वैकल्पिक रूट तय करने के बावजूद पुलिस की व्यवस्था कमजोर दिखती है। शनिवार को भी यही हाल रहा, जिससे हजारों लोग घंटों परेशान होते रहे।




