भोपाल नगर निगम की 24 जुलाई 2025 को हुई बैठक में हमीदिया अस्पताल, कॉलेज, और स्कूल का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही ओल्ड अशोका गार्डन का नाम बदलकर ‘राम बाग’ और 80 फुट रोड स्थित विवेकानंद चौराहे का नाम ‘विवेकानंद चौक’ रखने का निर्णय लिया गया।
इस नाम परिवर्तन प्रस्ताव को भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने सदन में पेश किया। उन्होंने तर्क दिया कि नवाब हमीदुल्लाह खान पाकिस्तान-समर्थक थे और उनके नाम पर संस्थानों का होना उचित नहीं है। इस बयान पर विपक्षी पार्षदों और भाजपा सदस्यों के बीच जोरदार बहस छिड़ गई। सदन में “पाकिस्तान मुर्दाबाद” और “हिंदुस्तान जिंदाबाद” के नारे भी लगे।
बहस इतनी तीखी हो गई कि नगर निगम के सभापति किशन सूर्यवंशी ने कहा, “भोपाल का नवाब गद्दार था, गद्दार है और गद्दार रहेगा।” इसके बाद सदन की कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।
विवादों के बीच बैठक में कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए। शहर में 6 नए विसर्जन कुंड बनाने की स्वीकृति दी गई। साथ ही 8,000 स्वच्छता मित्रों के लिए भोज, स्वास्थ्य परीक्षण, रेनकोट वितरण और रक्षाबंधन पर उपहार देने का निर्णय भी लिया गया।
नाम बदलने की राजनीति पर उठे सवालों के बीच नगर निगम की यह बैठक राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से चर्चा का विषय बन गई है।




