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भोपाल (रातीबड़): राजधानी के रातीबड़ इलाके में एक निजी कॉलेज के प्रोफेसर द्वारा आत्मघाती कदम उठाने का मामला सामने आया है। 32 वर्षीय प्रोफेसर शैलेंद्र सिंह ठाकुर ने मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
- मृतक: शैलेंद्र सिंह ठाकुर (32 वर्ष)
- निवासी: मूल रूप से गोपालपुर (आष्टा, सीहोर); वर्तमान निवास- गोल्डन सिटी, रातीबड़।
- पेशा: निजी कॉलेज में प्रोफेसर।
- वजह: सुसाइड नोट के अनुसार ‘बीमारी’, हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
सुसाइड नोट और परिजनों के विरोधाभासी बयान
पुलिस (एसआई गब्बर सिंह) के अनुसार, शैलेंद्र के कमरे से मिले सुसाइड नोट में लिखा है:
“मैं अपनी बीमारी से तंग आ चुका हूं… इसलिए जीना नहीं चाहता। मैं सभी से बहुत प्यार करता हूं, अपना ध्यान रखें और स्वस्थ रहें।”
परिजनों का पक्ष: शैलेंद्र के भाई ने किसी भी ‘गंभीर बीमारी’ की बात से इनकार किया है। उनके मुताबिक, शैलेंद्र को अक्सर सर्दी-जुकाम जैसी मौसमी बीमारियां जल्दी हो जाती थीं, जिससे होने वाली शारीरिक कमजोरी के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहता था।
पारिवारिक स्थिति: पत्नी भी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं
जांच में यह भी सामने आया है कि शैलेंद्र की पत्नी कैंसर (बच्चेदानी का कैंसर) से पीड़ित हैं।
- बीते एक साल से पत्नी का इलाज चल रहा है।
- वर्तमान में पत्नी अपने मायके (गोपालपुर) में रहकर इलाज करा रही हैं।
- पुलिस का अनुमान है कि पत्नी की बीमारी और घर की परिस्थितियों के कारण शैलेंद्र गहरे तनाव (Depression) में हो सकते थे।
पुलिस की कार्रवाई
रातीबड़ थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या केवल सामान्य सर्दी-जुकाम की कमजोरी सुसाइड की वजह थी या इसके पीछे कोई गहरा मानसिक तनाव या अन्य पारिवारिक कारण जिम्मेदार हैं।




